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6 November 2021

COP26: भारत के लक्ष्यों के आर्थिक प्रभाव

1 नवंबर, 2021 को, COP26 जलवायु शिखर सम्मेलन में, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने वर्ष 2070 तक शुद्ध शून्य कार्बन उत्सर्जन (net zero carbon emissions) तक पहुँचने के लिए भारत के लक्ष्य की घोषणा की। भारत की घोषणा ग्लासगो में प्रतिनिधियों के लिए एक आश्चर्य के रूप में आई, क्योंकि भारत ने हाल ही में इस तरह के लक्ष्य की घोषणा न करने की बात कही थी। अमेरिका, ब्रिटेन और जापान ने 2050 तक; यूरोपीय संघ ने 2060 तक; सऊदी अरब, चीन और रूस ने 2070 तक शुद्ध शून्य लक्ष्य हासिल करने का प्रस्ताव रखा है। एक शुद्ध-शून्य लक्ष्य को उस तिथि के रूप में परिभाषित किया जाता है जब तक कोई देश केवल उतना ही कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन करेगा, जिन्हें जंगलों, मिट्टी, फसलों और कार्बन कैप्चर तकनीक जैसी विकासशील तकनीकों द्वारा अवशोषित किया जा सकता है। चीन, अमेरिका, भारत और रूस शीर्ष ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जक हैं। भारत ग्रीनहाउस गैसों का तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है और उन देशों में शामिल है जो जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील हैं। वैश्विक जलवायु जोखिम सूचकांक 2021 के अनुसार, भारत चरम मौसम की घटनाओं से सातवां सबसे अधिक प्रभावित देश है।

जी एम सी 2021 के तीसरे संस्करण का आयोजन गोवा के नेवल वॉर कॉलेज में 7 से 9 नवंबर तक किया जाएगा

गोवा समुद्री संगोष्‍ठी - जी एम सी 2021 के तीसरे संस्करण का आयोजन गोवा के नेवल वॉर कॉलेज में सात से नौ नवंबर तक किया जाएगा। जी एम सी भारतीय नौसेना की ऐसी जनसम्‍पर्क पहल है जो समुद्री सुरक्षा के लिए अभ्यासकर्ताओं और शिक्षाविदों को परिणामोन्‍मुख समुद्री ज्ञान का उपयोग करने के लिए बहुराष्‍ट्रीय मंच प्रदान करती है। जी एम सी - 2021 का आयोजन इस वर्ष मई में शेरपा कार्यक्रम के तहत आयोजित गोवा समुद्री संगोष्ठी-2021 के कार्य स्तर के बारे में विचार-विमर्श पर आधारित होगा। इस वर्ष के जी एम सी संस्करण का विषय समुद्री सुरक्षा और उभरते गैर-पारंपरिक खतरे है जो हिंद महासागर क्षेत्र में नौसेनाओं के लिए सक्रिय भूमिका पर आधारित है। जी एम सी - 2021 में नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह, बांग्लादेश, कोमोरोस, इंडोनेशिया, मेडागास्कर, मलेशिया, मालदीव, मॉरीशस, म्यांमा, सेशेल्स, सिंगापुर, श्रीलंका और थाईलैंड सहित 12 हिंद महासागर की समुद्री बलों और नौसेनाओं के प्रमुखों की मेजबानी करेंगे।

ब्रिटेन ने कोविड महामारी के उपचार के लिए विश्‍व की पहली गोली को मंजूरी दी

ब्रिटेन के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने कोविड-19 के हल्‍के लक्षण वाले लोगों के उपचार के लिए विश्‍व की पहली एंटीवायरल गोली को मंजूरी दे दी है। औषधि और स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल उत्‍पाद नियामक एजेंसी ने बताया कि मोल्‍नुपिराविर को गंभीर संक्रमण का खतरा रोकने में प्रभावी पाया गया है। इसे हल्‍के से मध्‍यम लक्षण वाले लोगों के लिए अधिकृत किया गया है, जिनमें संक्रमण गंभीर हो जाने का कम से कम एक कारण हो। इन कारणों में मोटापा, 60 वर्ष से अधिक उम्र, डायबिटिज या हृदय रोग शामिल हैं।

भारत और गाम्बिया ने दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए

विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन ने हाल ही में गाम्बिया का दौरा किया। इस दौरान दो समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें एक समझौता राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्टधारकों के लिए वीजा में छूट और दूसरा, भारत और गाम्बिया के बीच सहयोग का सामान्य फ्रेमवर्क समझौता शामिल है। विदेश राज्‍यमंत्री ने गाम्बिया के अनुरोध के आधार पर, डायलिसिस मशीनों की खरीद के लिए 5 लाख डॉलर का अनुदान देने की घोषणा की। आजादी का अमृत महोत्‍सव मनाने के लिए गाम्बिया के विदेश मंत्री डॉ. मामादाऊ तंगारा और भारतीय विदेश राज्‍यमंत्री मुरलीधरन ने संयुक्त रूप से एक स्मारक डाक टिकट का डिज़ाइन जारी किया।

पाकल दुल जलविद्युत परियोजना में मरुसुदर नदी के डायवर्सन का उद्घाटन किया गया

केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने 1 नवंबर, 2021 को पाकल दुल जलविद्युत परियोजना (Pakal Dul Hydro Electric Project) के मरुसुदर नदी (Marusudar River) के मोड़ का उद्घाटन किया। यह परियोजना जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में स्थित है। पनबिजली परियोजनाओं का त्वरित विकास ग्रिड संतुलन और अधिक उर्जा पैदा करने के लिए महत्वपूर्ण है। पाकल दुल जलविद्युत परियोजना वर्ष 2030 तक 450 गीगावाट अक्षय ऊर्जा के लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी। इस परियोजना के माध्यम से इस क्षेत्र में 8212 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। यह निवेश प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्रदान करेगा। यह स्थानीय निवासियों के समग्र विकास में मदद करेगा। पाकल दुल जलविद्युत परियोजना 1000 मेगावाट की परियोजना है। इसका निर्माण चिनाब वैली पावर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यह JKSPDC (जम्मू-कश्मीर सरकार) और एNHPC Ltd (भारत सरकार का उद्यम) की एक संयुक्त उद्यम कंपनी है।

इसरो एक सौर ऊर्जा कैलकुलेटर एप्लिकेशन लांच करेगा जो किसी भी क्षेत्र की सौर ऊर्जा क्षमता को माप सकता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) जल्द ही दुनिया को एक सौर ऊर्जा कैलकुलेटर एप्लिकेशन प्रदान करेगा जो दुनिया भर में किसी भी क्षेत्र की सौर ऊर्जा क्षमता को माप सकता है। ग्लासगो में वैश्विक COP26 शिखर सम्मेलन के त्वरित प्रौद्योगिकी नवाचार और तैनाती पर सत्र में बोलते हुए, पीएम मोदी ने कहा, इस कैलकुलेटर के माध्यम से, उपग्रह डेटा के आधार पर दुनिया में किसी भी स्थान की सौर ऊर्जा क्षमता की गणना की जा सकती है। पीएम मोदी के मुताबिक यह एप्लिकेशन सौर परियोजनाओं के स्थान को तय करने में उपयोगी होगा और ‘वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड’ (One Sun, One World and One Grid) पहल को मजबूत करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि सौर ऊर्जा पूरी तरह से स्वच्छ और सतत है। चुनौती यह है कि यह ऊर्जा केवल दिन के समय उपलब्ध है और मौसम पर निर्भर है। उन्होंने कहा, ‘वन सन, वन वर्ल्ड एंड वन ग्रिड’ इस समस्या का समाधान है और विश्वव्यापी ग्रिड के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को कहीं भी और कभी भी प्रेषित किया जा सकता है।

टेक्‍नीकल टेक्‍सटाइल के निर्यात का लक्ष्‍य अगले 3 वर्षों में 10 अरब अमरीकी डॉलर तक किया जाए : पीयूष गोयल

कपड़ा और वाणिज्‍य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि समय आ गया है जब टेक्‍नीकल टेक्‍सटाइल के निर्यात का लक्ष्‍य अगले तीन वर्षों में दो अरब अमरीकी डॉलर से बढ़ाकर दस अरब अमरीकी डॉलर तक किया जाए। आज नई दिल्‍ली में इंडियन टेक्‍निकल टेक्‍सटाइल एसोसिएशन- आईटीटीए के प्रतिनिधियों को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि जो राज्‍य विकास का समर्थन करते हैं और कपड़ा विनिर्माण के लिए आधारभूत सुविधाएं उपलब्‍ध कराते हैं उन्‍हें केन्‍द्र, निवेश और लाभ से सम्‍बंधित योजना -पीएलआईएस के तहत समर्थन देगा। उन्‍होंने कहा कि इन राज्‍यों को कपड़ा विनिर्माण के लिए सस्‍ती भूमि और बिजली की सुविधा दी जा सकती है। उन्‍होंने सुझाव दिया कि टेक्‍निकल टेक्‍सटाइल में अनुसंधान और विकास में सरकारी कोष के इस्‍तेमाल में सरकारी और निजी भागीदारी होनी चाहिए।

प्रधानमंत्री ने केदारनाथ में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने केदारनाथ में विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने श्री आदि शंकराचार्य समाधि का उद्घाटन किया और श्री आदि शंकराचार्य की प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने पूरे हो चुके और अभी जारी अवसंरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा की और इनका निरीक्षण भी किया। प्रधानमंत्री ने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। पूरे देश में 12 ज्योतिर्लिंगों तथा 4 धामों और आस्था के कई अन्य स्थानों पर पूजा-अर्चना की गई एवं समारोह आयोजित किए गए। ये सभी कार्यक्रम तथा केदारनाथ धाम का कार्यक्रम, केदारनाथ धाम के मुख्य कार्यक्रम से जुड़े थे।

गुरुपर्व को ‘विश्व पैदल यात्री दिवस’ घोषित करने का प्रस्ताव

हाल ही में पंजाब पुलिस ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव दिया है कि सड़क सुरक्षा पर जागरूकता फैलाने के लिये गुरु नानक देव जी की जयंती (गुरुपर्व) को 'विश्व पैदल यात्री दिवस' के रूप में घोषित किया जाए। वर्ष 2021 में गुरु नानक देव का 552वाँ गुरुपर्व 19 नवंबर को मनाया जाएगा। आध्यात्मिक संवादों में संलग्न होकर एकता के संदेश को फैलाने के लिये गुरु नानक देव ने 15वीं और 16वीं शताब्दी के दौरान दूर-दूर तक की यात्रा की। ऐसा माना जाता है कि उस समय जब परिवहन के साधन सीमित थे और ज़्यादातर नाव, जानवरों (घोड़े, खच्चर, ऊँट, बैलगाड़ी) तक ही सीमित थे, गुरु नानक देव ने अपने साथी भाई मर्दाना के साथ अपनी अधिकांश यात्रा पैदल ही की। गुरु नानक देव ने मक्का से हरिद्वार, सिलहट से कैलाश पर्वत तक अपनी पूरी यात्रा (जिसे उदासी भी कहा जाता है) के दौरान हिंदू धर्म, इस्लाम, बौद्ध और जैन धर्म से संबंधित सैकड़ों धार्मिक स्थलों का दौरा किया। कुछ स्थलों पर उनकी यात्रा के उपलक्ष्य में गुरुद्वारों का निर्माण किया गया था। बाद में उनकी यात्रा को 'जन्मसखियों' नामक ग्रंथों में प्रलेखित किया गया। ये स्थल वर्तमान में भौगोलिक विभाजन के अनुसार नौ देशों में फैले हुए हैं - भारत, पाकिस्तान, ईरान, इराक, चीन (तिब्बत), बांग्लादेश, सऊदी अरब, श्रीलंका और अफगानिस्तान।

मोल्नुपिरवीर : कोविड -19 हेतु एक औषधि

हाल ही में एक ओरल ड्रग मोल्नुपिरवीर (Molnupiravir) के तीसरे चरण के परीक्षण में दावा किया गया है कि यह कोविड-19 रोगियों में अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को 50 फीसदी तक कम कर सकती है। भारत में ऑप्टिमस ग्रुप ने हाल ही में तीसरे चरण के क्लिनिकल परीक्षणों के परिणामों की घोषणा की, जिसमें पाया गया कि 91.5% रोगियों ने आरटी-पीसीआर (रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन) का परीक्षण किया, जो नकारात्मक था। मोल्नुपिरवीर व्यापक स्पेक्ट्रम एंटीवायरल दवाओं के एक वर्ग से संबंधित है जिसे न्यूक्लियोसाइड एनालॉग्स (Nucleoside Analogues) कहा जाता है। वे वायरल आरएनए (राइबोन्यूक्लिक एसिड) पोलीमरेज़ के कार्य में हस्तक्षेप करते हैं - जो एंजाइम होते हैं जिनसे संक्रमित कोशिकाओं में नए वायरल आरएनए बनते हैं। आरएनए राइबोन्यूक्लियोटाइड्स का एक बहुलक और एक महत्त्वपूर्ण जैविक मैक्रोमोलेक्यूल है जो सभी जैविक कोशिकाओं में मौजूद होता है। यह मुख्य रूप से प्रोटीन के संश्लेषण में शामिल होता है, जो डीऑक्सीराइबोन्यूक्लिक एसिड (डीएनए) से संदेशवाहक निर्देशों को ले जाता है, जिसमें स्वयं जीवन के विकास और रखरखाव के लिये आवश्यक आनुवंशिक निर्देश होते हैं। यह वायरस को अपने स्वयं के आरएनए की प्रतिलिपि बनाते समय त्रुटियों को उत्पन्न करने का काम करता है, जो उत्परिवर्तन को उजागर कर प्रतिकृति को रोकता है। शुरू में इन्फ्लूएंज़ा वायरस के लिये एक दवा के रूप में इसका आविष्कार किया गया था।

विश्व सुनामी जागरूकता दिवस

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक वर्ष 5 नवंबर को ‘विश्व सुनामी जागरूकता दिवस’ का आयोजन किया जाता है, जिसका उद्देश्य आम लोगों को सुनामी जैसी घातक आपदा के बारे में जागरूक करना है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस घातक आपदा के कारण पिछली एक सदी में लाखों लोगों की मृत्यु हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, ‘सुनामी’ (Tsunami) शब्द की उत्पत्ति जापान से हुई है, जहाँ ‘सु’ (Tsu) शब्द का अर्थ है ‘बंदरगाह’ (Harbour) और ‘नामी’ (Nami) का अर्थ है ‘लहर’ (Waves)। प्रायः तीव्र भूकंप के दौरान समुद्री प्लेट कई मीटर तक खिसक जाती है, फलस्वरूप समुद्री सतह पर ज़बरदस्त उथल-पुथल मचती है और इस कारण सागर की सतह पर जल बड़ी-बड़ी लहरों के रूप में उठता है। यद्यपि महासागरों में ये बहुत कम ऊँचाई की होती हैं, किंतु जैसे-जैसे ये किनारों की ओर बढ़ती हैं तो इनकी ऊँचाई और तीव्रता बढ़ती जाती है। यही तीव्र और ऊँची लहरें धरातल पर सुनामी कहलाती हैं। वर्ष 2004 में हिंद महासागर में आई सबसे घातक सुनामी के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रत्येक वर्ष 5 नवंबर को विश्व सुनामी जागरूकता दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया था।

'जनसेवक' योजना और 'जनस्पंदन' प्लेटफॉर्म

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने हाल ही में नागरिकों को तकरीबन 58 सरकारी सेवाओं तक पहुँच प्रदान करने हेतु 'जनसेवक' नामक योजना की शुरुआत की है। पहले चरण के दौरान यह योजना बंगलूरू के सभी 198 नगरपालिका वार्डों में लागू की जाएगी। इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य आम लोगों को घर पर ही सरकारी सेवाएँ प्रदान करना है। कार्यक्रम के तहत जाति प्रमाण पत्र, संपत्ति खाता प्रमाण पत्र, वृद्धावस्था और विधवा पेंशन योजना जैसी विभिन्न सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने 'जनस्पंदन' नामक एक एकीकृत लोक शिकायत निवारण प्रणाली भी शुरू की है। इस प्रणाली के माध्यम से सरकार द्वारा नागरिकों को किसी भी सरकारी योजना या सेवा की शिकायत करने के लिये एक वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म प्रदान किया जाएगा।

‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’

जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना” के तहत, वर्ष 2021 में लगभग 15,000 छात्रों ने कोचिंग कक्षाओं के लिए नामांकन किया है। यह योजना दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इसे कुछ निजी केंद्रों पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए लॉन्च किया गया था। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि और हाशिए के समुदायों के बच्चों को शामिल किया गया है। मुफ्त कोचिंग के अलावा, छात्रों को दिल्ली सरकार द्वारा 2,500 रुपये का यात्रा वजीफा भी प्रदान किया जाएगा। इसके तहत SC, ST, OBC और EWS श्रेणियों के मेधावी छात्रों को निजी कोचिंग सेंटरों से प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग दी जाती है। जिन परिवारों की आय 8 लाख रुपये प्रति वर्ष से कम है, वे योजना का लाभ उठा सकते हैं।

‘मिशन गंगा’ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हुआ

गंगा उत्सव 2021 के पहले दिन, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल हुआ। इसे गिनीज बुक में दर्ज किया गया क्योंकि एक घंटे में फेसबुक पर हस्तलिखित नोटों की रिकॉर्ड संख्या में फोटो अपलोड किए गए थे। गंगा उत्सव कार्यक्रम का आयोजन गंगा कायाकल्प के बारे में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ कार्यक्रम की पहुंच को गति प्रदान करने के लिए किया गया था। गंगा उत्सव का 5वां संस्करण वर्चुअली शुरू हुआ। यह त्योहार गंगा नदी के साथ-साथ भारत की अन्य नदियों की महिमा का जश्न मनाएगा। गंगा उत्सव, गंगा नदी की महिमा का जश्न मनाने का कार्यक्रम, स्वच्छ गंगा के लिए राष्ट्रीय मिशन (National Mission for Clean Ganga) द्वारा मनाया जाता है, जिसे राष्ट्रीय गंगा परिषद (National Ganga Council – NGC) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है।

तेलंगाना को अंतर्राष्ट्रीय बीज सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया

तेलंगाना को एक सम्मेलन में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है जो वर्चुअली खाद्य और कृषि संगठन (Food and Agriculture Organisation – FAO) द्वारा आयोजित किया जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय बीज सम्मेलन दो दिवसीय सम्मेलन है। यह 4 नवंबर और 5 नवंबर, 2021 को रोम में आयोजित किया जाएगा। बीज उद्योग के विकास पर चर्चा के लिए यह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। FAO संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है। यह भूख को हराने और पोषण व खाद्य सुरक्षा में सुधार करने का प्रयास करता है। इसकी स्थापना अक्टूबर 1945 में हुई थी। FAO में 197 सदस्य देश शामिल हैं। इसका मुख्यालय रोम, इटली में है।

वैश्विक मीथेन प्रतिज्ञा

वैश्विक मीथेन प्रतिज्ञा (Global Methane Pledge) 2 नवंबर, 2021 को ग्लासगो में चल रहे UN COP26 जलवायु सम्मेलन में लॉन्च किया गया। अब तक, 90 से अधिक देशों ने इस प्रतिज्ञा पर हस्ताक्षर किए हैं। ग्लोबल मीथेन प्लेज अमेरिका और यूरोपीय संघ के नेतृत्व में संयुक्त रूप से एक प्रयास है। यह प्रतिज्ञा महत्वपूर्ण है क्योंकि मीथेन वातावरण में मौजूद दूसरी सबसे प्रचुर मात्रा में ग्रीनहाउस गैस है। वैश्विक मीथेन प्रतिज्ञा की घोषणा पहली बार सितंबर 2021 में अमेरिका और यूरोपीय संघ द्वारा की गई थी। यह वैश्विक मीथेन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक समझौता है। इस प्रतिज्ञा की घोषणा 2020 के स्तर की तुलना में वर्ष 2030 तक मीथेन उत्सर्जन को 30 प्रतिशत तक कम करने के उद्देश्य से की गई थी। Intergovernmental Panel on Climate Change की रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व-औद्योगिक युग की तुलना में मीथेन वैश्विक औसत तापमान में 1.0 डिग्री सेल्सियस की शुद्ध वृद्धि का लगभग आधा हिस्सा है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, 25% वार्मिंग मीथेन के कारण होती है।

वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सौर ऊर्जा की व्यवहार्यता में सुधार के लिए 2 नवंबर, 2021 को ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ का आह्वान किया। इस अवसर पर, उन्होंने यह भी घोषणा की कि भारत की अंतरिक्ष एजेंसी, इसरो जल्द ही दुनिया को एक कैलकुलेटर प्रदान करेगी, जो किसी भी क्षेत्र की सौर ऊर्जा क्षमता को माप सकता है। सौर ऊर्जा की चुनौती से निपटने के लिए ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ (OSOWOG) समाधान का उपयोग किया जाएगा। पृथ्वी के वायुमंडल को एक घंटे में पर्याप्त सूर्य का प्रकाश प्राप्त होता है, जिसका उपयोग पृथ्वी पर प्रत्येक मनुष्य की एक वर्ष के लिए बिजली की आवश्यकता को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, सौर ऊर्जा केवल दिन के दौरान ही उपलब्ध होती है। एक और चुनौती यह है कि यह मौसम की स्थिति पर निर्भर है।

सर्बिया के बेलग्राद में एआईबीए पुरुष विश्‍व मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप में भारत के आकाश कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया

सर्बिया के बेलग्राद में एआईबीए पुरुष विश्‍व मुक्‍केबाजी चैंपियनशिप में भारत के आकाश कुमार ने कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। सेमीफाइलन मुकाबले में आकाश को कजाख्स्‍तान के मखमूद सेबरखान से हार का सामना करना पड़ा। प्रतियोगिता में पदक पक्‍का करने वाले आकाश भारत के सातवें पुरुष मुक्‍केबाज हैं। आकाश ने 54 किलोग्राम भार वर्ग के क्‍वार्टर फाइनल में मंगलवार को रियो ओलंपिक के रजत पदक विजेता वेनेजुएला के योएल फिनोल को 5-0 से हराया था। गौरतलब है कि ‘इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन’ द्वारा आयोजित इस चैंपियनशिप को दुनिया की सबसे बड़ी मुक्केबाज़ी स्पर्द्धाओं में से एक माना जाता है, जिसमें भारत ने अब तक कुल छह पदक जीते हैं, इसमें अमित पंघाल (2019 में रजत), विजेंदर सिंह (2009 में कांस्य), विकास कृष्ण (2011 में कांस्य), शिव थापा (2015 में कांस्य), गौरव बिधूड़ी (2017 में कांस्य) और मनीष कौशिक (2019 में कांस्य) शामिल हैं। गौरतलब है कि ‘एआईबीए पुरुष विश्व मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप’ अंतर्राष्ट्रीय मुक्केबाज़ी संघ (AIBA) द्वारा आयोजित द्विवार्षिक मुक्केबाज़ी प्रतियोगिता है। इस चैंपियनशिप का आयोजन पहली बार वर्ष 1974 में हवाना, क्यूबा में किया गया था।

गुजराती नववर्ष बैस्‍तू

गुजराती नववर्ष - बैस्‍तू देश के विभिन्‍न भागों में हर्षोल्‍लास से मनाया गया। दिवाली के अगले दिन गुजरात में नया साल मनाया जाता है। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुजरात में नए साल की शुरुआत होती है। इस बार ये 5 नवंबर के दिन है। लोग इस अवसर पर नए वस्‍त्रों में मंदिरों में दर्शन और पूजा अर्चना के लिए जाते हैं तथा अपने मित्रों और संबंधियों से भेंट करते हैं। घरों में स्‍वादिष्‍ट व्‍यंजन और मिठाइयां बनाई जाती हैं तथा पड़ोसियों और रिश्‍तेदारों में बांटी जाती हैं। व्‍यवसायी इस अवसर पर नए बहीखातों की शुरुआत करते हैं।

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