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3 January 2022

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में मेजर ध्यान चंद खेल विश्वविद्यालय की आधारशिला रखी

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मेरठ में मेजर ध्‍यानचंद खेल विश्‍वविद्यालय की आधारशिला रखी। इस विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना सर्धाना कस्‍बे के सलावा और कैली गांव में की जा रही है। इस पर लगभग सात सौ करोड रूपये की लागत आएगी। देश के सभी भागों में विश्‍वस्‍तरीय खेलकूद बुनियादी ढांचा स्‍थापित करने और खेल संस्‍कृति को बढावा देने पर प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से ध्‍यान दिया है। मेजर ध्‍यानचंद खेल विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना इसी परिकल्‍पना को साकार करने की दिशा में बडा कदम है। यह खेल विश्‍वविद्यालय सिंथेटिक हॉकी, फुटबॉल, बास्‍केटबॉल, वॉलीबाल, हैंडबॉल, कबड्डी मैदान, लॉंन टेनिस कोर्ट, जिमनेजि़यम हॉल, सिंथेटिक रनिंग स्‍टेडियम, तरणताल, बहुउद्देशीय हॉल और साइकिल वेलोड्रोमोम सहित आधुनिक बुनियादी ढांचा सुविधाओं से लैस होगा। इसमें अन्‍य खेलों के अलावा निशानेबाजी, स्‍क्‍वैश, भारोत्‍तोलन, तीरंदाजी, कैनोइंग, कयाकिंग के लिये भी सुविधाएं रहेंगी। विश्‍वविद्यालय में समान संख्या में महिला और पुरुष खिलाडि़यों सहित एक हजार अस्‍सी खेलकूद प्रतिभाओं को प्रशिक्षित करने की क्षमता होगी।

उपराष्‍ट्रपति ने कोच्चि शिपयार्ड में बन रहे स्‍वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत का अवलोकन किया

उपराष्‍ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने कोच्चि शिपयार्ड में बनाये जा रहे स्‍वदेशी विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रांत का अवलोकन किया। शिपयार्ड और भारतीय नौसेना के वरिष्‍ठ अधिकारियों ने उपराष्‍ट्रपति को आईएनएस विक्रांत की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। इस पोत पर लगभग 23 हजार करोड़ रुपये की लागत आई है। इसकी अधिकतम गति 28 समुद्री मील प्रति घंटे है और इसकी क्षमता तीस लड़ाकू विमानों तथा हेलीकॉप्‍टर को ले जाने की है। भारतीय नौसेना को यह पोत इस वर्ष अगस्‍त में सौंपा जा सकता है।

जम्‍मू कश्‍मीर पहला केंद्र शासित प्रदेश होगा जहां जिला स्‍तर पर सुशासन सूचकांक बनेगा

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री डॉक्‍टर जितेन्‍द्र सिंह ने कहा है कि जम्‍मू कश्‍मीर पहला केंद्र शासित प्रदेश होगा जहां जिला स्‍तर पर सुशासन सूचकांक बनेगा। उन्‍होंने कहा कि प्रशासनिक सुधार और जन-शिकायत विभाग इस संबंध में जम्‍मू कश्‍मीर प्रशासन के साथ काम कर रहा है। डॉक्‍टर सिंह ने कहा कि प्रदेश के सभी बीस जिलों में सुशासन सूचकांक बनाया जाएगा जिससे उनमें प्रशासनिक सुधार होगा। इस सूचकांक से निश्चित समय के भीतर कार्यालयों में फाइलों तथा अन्‍य मामलों का निपटारा होगा और पारदर्शिता, जवाबदेही तथा जनभागीदारिता बढ़ेगी।

वी. एस. पठानिया ने तटरक्षक महानिदेशक का पदभार ग्रहण किया

महानिदेशक वी. एस. पठानिया ने 31 दिसंबर 2021 को भारतीय तटरक्षक बल के 24वें प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया। वह वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज और नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज के पूर्व छात्र हैं। फ्लैग ऑफिसर पठानिया एक योग्य हेलीकॉप्टर पायलट हैं और उन्होंने मद्रास विश्वविद्यालय से रक्षा एवं सामरिक अध्ययन में परास्नातक डिग्री प्राप्त की है। उन्होंने यूएस कोस्ट गार्ड के साथ खोज व बचाव तथा बंदरगाह संचालन में विशेषज्ञता हासिल की है।

चीन ने विश्व रोबोटिक्स नवाचार का केंद्र बनने के लिए 5 वर्षीय योजना शुरू की

चीन ने वर्ष 2025 तक वैश्विक रोबोटिक्स इनोवेशन हब बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पांच साल के रोडमैप की घोषणा की है। चीन के उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने खुलासा किया कि देश के रोबोटिक्स उद्योग से परिचालन आय 2021 और 2025 के बीच प्रति वर्ष लगभग 20% बढ़ने की उम्मीद है। 2016 से 2020 तक, इस क्षेत्र में 15% की औसत वृद्धि दर से विस्तार हुआ। पिछले साल पहली बार परिचालन आय 100 अरब युआन (15.69 अरब डॉलर) को पार कर गई थी। 2025 तक दुनिया भर में रोबोटिक्स इनोवेशन सेंटर बनने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, चीन ने सर्वो मोटर्स और कंट्रोल पैनल जैसे आवश्यक घटकों में सुधार पर ध्यान केंद्रित करने वाली रणनीति का प्रस्ताव दिया है। 2021 की विश्व रोबोट रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और जापान एशिया-प्रशांत में शीर्ष तीन सबसे स्वचालित देश थे।

सिक्किम में बनी PM नरेंद्र मोदी के नाम पर सड़क

सिक्किम में सोमगो लेक और नाथूला बॉर्डर को राजधानी गंगटोक से जोड़ने वाली सड़क का नाम पीएम नरेंद्र मोदी पर रखा गया है। इस नई बनी सड़क का गवर्नर गंगा प्रसाद ने आधिकारिक उद्घाटन किया है। नाथूला बॉर्डर को गंगटोक से जोड़ने वाले पुराने रूट का नाम देश के पहले पीएम पंडित जवाहर लाल नेहरू के नाम पर है। करीब 19.51 किलोमीटर लंबा रोड एक साल से यात्रियों के लिए चालू है, लेकिन अब गवर्नर की ओर से इसका ऑफिशियली उद्घाटन हुआ है।

मेसर्स हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा नौसेना डॉकयार्ड विशाखापट्टनम को 50 टन बोलार्ड पुल टग "बलराज" की आपूर्ति

मेसर्स हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड, विशाखापत्तनम के साथ 50 टन बोलार्ड पुल टग्स के निर्माण के लिए अनुबंध दिनांक 14 फरवरी, 2019 को 260.70 करोड़ रुपये की लागत से संपन्न हुआ। इस श्रृंखला के तीसरे टग "बलराज" को दिनांक 31 दिसंबर, 2021 को नेवल डॉकयार्ड, विशाखापत्तनम में पहुंचा दिया गया है। इन टगों को 20 साल के सैन्य जीवन की योग्यता के साथ भारतीय शिपिंग रजिस्टर (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के तहत डिजाइन और निर्मित किया गया है और ये विमान वाहक जहाज़ों समेत बड़े नौसैनिक जहाजों और पनडुब्बियों की बर्थिंग, अन-बर्थिंग, तट पर एवं घिरे हुए दायरे के पानी के बीच इनका मूवमेंट करने में सक्षम हैं। यह जहाजों को पानी की सतह पर/ लंगरगाहों पर अग्निशमन संबंधी सहायता भी मुहैया कराते हैं तथा इनमें खोजबीन और बचाव कार्यों के लिए सीमित क्षमता है।

बाह्यगृह (exoplanet) पर पहले चुंबकीय क्षेत्र की खोज की गई

हाल ही में, खगोलविदों की एक टीम ने हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) के डेटा का उपयोग एक बाह्यगृह (exoplanet) पर एक चुंबकीय क्षेत्र के संकेत की खोज के लिए किया था। ‘नेचर एस्ट्रोनॉमी’ नामक पत्रिका में इसके निष्कर्षों का वर्णन किया गया था। ग्रह के चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र आवेशित कार्बन कणों (charged carbon particles) के एक विस्तारित क्षेत्र के अवलोकन की व्याख्या करता है। ग्रह के वायुमंडल की सुरक्षा में चुंबकीय क्षेत्र महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शोधकर्ताओं ने हबल का उपयोग एक्सोप्लैनेट HAT-P-11b के अवलोकन के लिए किया। यह एक नेपच्यून के आकार का ग्रह है, जो पृथ्वी से 123 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। बाह्यगृह हमारे सौर मंडल के बाहर के ग्रह हैं। एक बाह्यगृह का पहला संभावित सबूत 1917 में मिला था, लेकिन इसे मान्यता नहीं दी गई थी। 1992 में पहली बार पुष्टिकृत बाह्यगृह की खोज की गई थी। दिसंबर 2021 तक 3,604 ग्रह प्रणालियों में स्थित 4,878 पुष्टि किए गए बाह्यगृह हैं। सभी प्रणालियों में से, 807 प्रणालियों में एक से अधिक ग्रह हैं।

1 जनवरी, 2022 से क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी लागू

1 जनवरी, 2022 से क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी लागू हो गई है। क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP – Regional Comprehensive Economic Partnership) ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, चीन, कंबोडिया, जापान, इंडोनेशिया, लाओस, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस और वियतनाम के एशिया-प्रशांत देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता है। भारत और अमेरिका RCEP के सदस्य नहीं हैं। 15-सदस्यीय s समूह में दुनिया की आबादी का 30% और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 30% हिस्सा है। इस प्रकार, यह इतिहास का सबसे बड़ा व्यापार ब्लॉक है। RCEP के लक्ष्य निम्नलिखित हैं:

  1. उभरती अर्थव्यवस्थाओं को विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ प्रगति करने में मदद करने के लिए कम टैरिफ, सेवाओं में व्यापार को खोलना और निवेश को बढ़ावा देना।
  2. कंपनियों के लिए लागत और समय कम करने में मदद करना।
भारत RCEP में शामिल नहीं हुआ, यह चिंता जताते हुए कि, यह सौदा चीनी सामानों के लिए इसे खोल देगा, और इस तरह चीन के साथ व्यापार संतुलन (trade balance) बढ़ जायेगा।

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