मेवाड़ का गुहिल वंश
- प्रश्न 168 अकबर ने महाराणा प्रताप को समझाने के लिये किसे प्रथम संदेशवाहक के रूप में भेजा -
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- (अ) मानसिंह
- (ब) भारमल
- (स) कमाल खां
- (द) जलाल खां
उत्तर : जलाल खां
व्याख्या :
अकबर ने अपनी गुजरात विजय के बाद अपने मनसबदार जलाल खाँ कोरची को राणा प्रताप के पास इस आशय से भेजा कि वह (राणा) अकबर की अधीनता स्वीकार कर ले। राणा प्रताप ने शिष्टता के साथ इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया।
- प्रश्न 169 अकबर ने दिसम्बर 1573 में प्रताप को समझाने के लिए किसे भेजा था -
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- (अ) जलाल खान
- (ब) मान सिंह
- (स) भगवंत दास
- (द) टोडरमल
उत्तर : टोडरमल
व्याख्या :
अकबर ने प्रताप को समझाने के लिए चार राजदूत नियुक्त किए जिसमें सर्वप्रथम सितम्बर 1572 ई. में जलाल खाँ प्रताप के खेमे में गया, इसी क्रम में मानसिंह (1573 ई. में ), भगवानदास ( सितम्बर, 1573 ई. में ) तथा राजा टोडरमल ( दिसम्बर,1573 ई. ) प्रताप को समझाने के लिए पहुँचे, लेकिन राणा प्रताप ने चारों को निराश किया, इस तरह राणा प्रताप ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने से मना कर दिया जिसके परिणामस्वरूप हल्दी घाटी का ऐतिहासिक युद्ध हुआ।
- प्रश्न 170 मुगल-मेवाड़ संधि 1615 .......... के मध्य हुई -
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- (अ) अकबर एवं प्रताप
- (ब) अकबर एवं उदयसिंह
- (स) जहांगीर एवं अमरसिंह
- (द) औरंगजेब एवं अजीतसिंह
उत्तर : जहांगीर एवं अमरसिंह
व्याख्या :
राज्य की हालत दुष्काल से भी अधिक भयंकर बन गयी। अब तक मेवाड़ युद्धों के कारण जर्जर हो चुका था। अतः सभी सामंतों, दरबारियों एवं कुंवर कर्णसिंह के निवेदन पर राणा अमरसिंह ने अपना मन मारकर मुगलों से 5 फरवरी, 1615 ई. में मुगल-मेवाड़ संधि की। अमरसिंह मुगलों से संधि करने वाला मेवाड़ का प्रथम शासक था। मुगल बादशाह जहाँगीर और मेवाड़ के राणा अमर सिंह के मध्य चित्तौड़ की संधि (1615 ई-) हस्ताक्षरित हुई थी।
- प्रश्न 171 अकबर ने चित्तौड़ के किले पर कब अधिकार किया है -
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- (अ) 25 फरवरी, 1568 ई.
- (ब) 28 फरवरी, 1572 ई.
- (स) 6 जून, 1575 ई.
- (द) 15 जनवरी, 1576 ई.
उत्तर : 25 फरवरी, 1568 ई.
व्याख्या :
25 फरवरी, 1568 को अकबर ने किले पर अधिकार कर लिया। जयमल और पत्ता की वीरता पर मुग्ध होकर अकबर ने आगरा जाने पर हाथियों पर चढ़ी हुई उनकी पाषाण की मूर्तियाँ बनवा कर किले के द्वार पर खड़ी करवाई।
- प्रश्न 172 हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की रक्षा किसने की -
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- (अ) मानसिंह
- (ब) झाला बीदा
- (स) भामाशाह
- (द) शक्तिसिंह
उत्तर : झाला बीदा
व्याख्या :
राणा के युद्ध क्षेत्र से हटने से पूर्व सादड़ी का झाला बीदा राणा के सिर से छत्र खींचकर स्वयं धारण कर मानसिंह के सैनिकों पर झपट पड़ा और लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ।
- प्रश्न 173 सिसोदिया वंश का शासन निम्न में से किस रियासत पर था-
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- (अ) झालावाड़
- (ब) प्रतापगढ़
- (स) अलवर
- (द) किशनगढ़
उत्तर : प्रतापगढ़
व्याख्या :
प्रतापगढ़ रियासत पर सिसोदिया वंश का शासन था।
- प्रश्न 174 वह शासक कौनसा है, जिसे सिपाही का अंश कहा जाता है तथा कर्नल टाॅड ने जिसे सैनिक भग्नावशेष की संज्ञा दी है -
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- (अ) महाराणा प्रताप
- (ब) राणा सांगा(संग्राम सिंह)
- (स) महाराणा सज्जन सिंह
- (द) बाघ सिंह
उत्तर : राणा सांगा(संग्राम सिंह)
व्याख्या :
इतिहास में महाराणा सांगा का नाम ‘अन्तिम भारतीय हिन्दू सम्राट’ के रूप में अमर है। कर्नल टॉड ने राणा सांगा को ‘सैनिक भग्नावशेष’ कहा है।
- प्रश्न 175 ‘विषमघाटी पंचानन’ की उपाधि दी जाती है -
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- (अ) राणा लाखा को
- (ब) राणा कुम्भा को
- (स) राणा सांगा को
- (द) राणा हम्मीर को
उत्तर : राणा हम्मीर को
व्याख्या :
हम्मीर को मेवाड़ का उद्धारक और किर्ति स्तम्भ प्रशस्ति में विषम घाटी पंचानन की उपाधि दी गई है।
- प्रश्न 176 अभिनव भरताचार्य के नाम से जाना जाता है -
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- (अ) महाराणा कुम्भा
- (ब) महाराणा सांगा
- (स) महाराणा प्रताप
- (द) पृथ्वीराज चौहान
उत्तर : महाराणा कुम्भा
व्याख्या :
कुम्भा को अभिनव भरताचार्य, राणा रासौ, दानगुरू, हालगुरू, रामरायण, महाराजाधिराज, राजगुरू, परमगुरू, छापगुरू आदि उपाधियां प्राप्त थी।
- प्रश्न 177 चित्तौड़ को राजधानी बनाने वाला प्रथम गुहिल शासक था -
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- (अ) बप्पा रावल
- (ब) जैत्रसिंह
- (स) महाराणा कुम्भा
- (द) अल्लट
उत्तर : जैत्रसिंह
व्याख्या :
जैत्रसिंह गुहिल वंश के प्रतापी शासक हुए जिसने पहली बार चित्तौड़ को मेवाड़ की राजधानी बनाया।
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