Rajasthan Current Affairs January 2025
- प्रश्न 21 वेटलैंड्स पर रामसर कन्वेंशन के तहत शहरों की उदघाटन वेटलैंड सिटी मान्यता सूची में किन भारतीय शहरों को शामिल किया गया है -
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- (अ) इंदौर (मध्य प्रदेश) और उदयपुर (राजस्थान)
- (ब) भोपाल (मध्य प्रदेश) और प्रयागराज(उत्तर प्रदेश)
- (स) उज्जैन (मध्य प्रदेश) और उदयपुर (राजस्थान)
- (द) वाराणसी (उत्तर प्रदेश) और नासिक (महाराष्ट्र)
उत्तर : इंदौर (मध्य प्रदेश) और उदयपुर (राजस्थान)
व्याख्या :
इंदौर और उदयपुर रामसर अभिसमय के तहत आर्द्रभूमि शहर (वेटलैंड सिटी) के रूप में मान्यता प्राप्त करने वाले पहले दो भारतीय शहर बन गए हैं। वेटलैंड सिटी मान्यता उन शहरों को मान्यता देती है जो अपने प्राकृतिक और मानव निर्मित वेटलैंड्स के संरक्षण को प्राथमिकता देते हैं। वेटलैंड सिटी मान्यता पर सलाहकार समिति ने इंदौर और उदयपुर सहित 31 नए शहरों को मान्यता प्रदान की, जिससे मान्यता प्राप्त वैश्विक शहरों की संख्या 74 हो गई।
- प्रश्न 22 राजस्थान में 1 गीगावाट की सौर परियोजना के विकास के लिए किन दो कंपनियों ने साझेदारी की है -
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- (अ) टाटा पावर और अदानी ग्रीन
- (ब) जैक्सन ग्रीन और ब्लूलीफ एनर्जी
- (स) रिलायंस सोलर और NHPC
- (द) NTPC और SECI
उत्तर : जैक्सन ग्रीन और ब्लूलीफ एनर्जी
व्याख्या :
जैक्सन ग्रीन (भारत) और ब्लूलीफ एनर्जी (सिंगापुर) ने राजस्थान में 1 गीगावाट के सौर परियोजनाओं के विकास के लिये साझेदारी की है, जिसमें 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर (3,400 करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा। 1 गीगावाट पोर्टफोलियो में ऋण और इक्विटी के माध्यम से वित्तपोषित तीन सौर परियोजनाएँ शामिल हैं। परियोजनाओं में अंतरराज्यीय (InSTS) और अंतरराज्यीय (ISTS) ट्रांसमिशन प्रणाली परियोजनाएँ शामिल हैं। राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RUVNL), भारतीय सौर ऊर्जा निगम लिमिटेड (SECI) और राष्ट्रीय जलविद्युत निगम लिमिटेड (NHPC) लिमिटेड से बोली के माध्यम से 25-वर्षीय विद्युत क्रय समझौते (PPA) प्राप्त किये गए।
- प्रश्न 23 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने राजस्थान के किन तीन विश्वविद्यालयों में Ph.D. प्रवेश पर रोक लगाई है -
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- (अ) राजस्थान विश्वविद्यालय, MLSU, JNVU
- (ब) OPJS विश्वविद्यालय, सनराइज विश्वविद्यालय, सिंघानिया विश्वविद्यालय
- (स) IIT जोधपुर, MNIT जयपुर, BITS पिलानी
- (द) JNU, DU, BHU
उत्तर : OPJS विश्वविद्यालय, सनराइज विश्वविद्यालय, सिंघानिया विश्वविद्यालय
व्याख्या :
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने राजस्थान के तीन विश्वविद्यालयों को नए Ph.D. छात्रों को प्रवेश देने से रोक दिया है। यह कार्रवाई फर्जी और पिछली तारीख की डिग्री जारी करने के आरोपों की जाँच के बाद की गई है। जिन संस्थानों पर नए Ph.D. छात्रों को दाखिला देने पर रोक लगाई गई है, वे हैं OPJS विश्वविद्यालय, चूरू, सनराइज विश्वविद्यालय, अलवर और सिंघानिया विश्वविद्यालय, झुंझुनू।
- प्रश्न 24 उदयपुर में चिंतन शिविर का आयोजन किस मंत्रालय द्वारा किया जा रहा है -
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- (अ) पर्यावरण मंत्रालय
- (ब) गृह मंत्रालय
- (स) महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
- (द) वित्त मंत्रालय
उत्तर : महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
व्याख्या :
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने उदयपुर में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के चिंतन शिविर का उद्घाटन किया। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) 10 से 12 जनवरी, 2025 तक राजस्थान के उदयपुर में चिंतन शिविर का आयोजन कर रहा है।
- प्रश्न 25 राजस्थान की प्रस्तावित नदी-जोड़ो परियोजना से रणथंभौर टाइगर रिजर्व का कितने वर्ग किलोमीटर क्षेत्र जलमग्न होने की संभावना है -
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- (अ) 20 वर्ग किमी.
- (ब) 37 वर्ग किमी.
- (स) 50 वर्ग किमी.
- (द) 75 वर्ग किमी.
उत्तर : 37 वर्ग किमी.
व्याख्या :
राजस्थान में प्रस्तावित नदी-जोड़ो परियोजना, जिसका उद्देश्य राज्य में बढ़ती जल कमी को दूर करना है, ने इसके संभावित पर्यावरणीय प्रभाव पर महत्त्वपूर्ण बहस छेड़ दी है। इस नहर परियोजना से चंबल नदी बेसिन के अधिशेष जल को राजस्थान के 23 ज़िलों में सिंचाई, पेयजल और औद्योगिक उपयोग के लिये उपलब्ध कराए जाने की संभावना है, जिससे 3.45 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। यह नदी जोड़ो परियोजना रणथंभौर टाइगर रिज़र्व के लगभग 37 वर्ग किलोमीटर के संभावित जलमग्न क्षेत्र पर आधारित है। यह जलमग्नता पार्वती-कालीसिंध-चंबल-पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (PKC-ERCP) के तहत प्रस्तावित सबसे बड़े बाँध के कारण होगी, जो महत्वाकांक्षी नदियों को जोड़ने (ILR) कार्यक्रम का हिस्सा है।
- प्रश्न 26 राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में हाल ही में कौन सा दुर्लभ मांसाहारी पौधा खोजा गया -
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- (अ) नेपेंथेस
- (ब) यूट्रीकुलेरिया
- (स) ड्रोसेरा
- (द) वीनस फ्लाई ट्रैप
उत्तर : यूट्रीकुलेरिया
व्याख्या :
हाल ही में राजस्थान के केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में एक दुर्लभ और अनोखा मांसाहारी पौधा 'यूट्रीकुलेरिया' खोजा गया है। सामान्यतः ब्लैडरवॉर्ट्स के नाम से जाना जाने वाला यह पौधा आमतौर पर मेघालय और दार्जिलिंग जैसे क्षेत्रों में पाया जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि उद्यान में ब्लैडरवॉर्ट की उपस्थिति जैव विविधता को बढ़ाती है और केवलादेव के पारिस्थितिकी तंत्र में सकारात्मक योगदान देती है। यूट्रीकुलेरिया छोटे कीटों को पकड़कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
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