मेवाड़ का गुहिल वंश
- प्रश्न 353 गोहिल वंश का प्रथम शासक कौन था जो सोने के सिक्के चलाए -
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- (अ) नागदितीय
- (ब) बप्पा रावल
- (स) शिलादित्य
- (द) अल्हट
उत्तर : बप्पा रावल
व्याख्या :
बप्पा ने सोने के सिक्के चलाए थे।
- प्रश्न 354 कर्नल जेम्स टॉड के अनुसार बप्पा रावल का मूल नाम क्या था
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- (अ) कालभोज
- (ब) मालभोज
- (स) अ ओर ब
- (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर : अ ओर ब
व्याख्या :
नैणसी व टॉड के अनुसार बप्पारावल का मूल नाम कालभोज था। हरित ऋषि ने इसे बप्पारावल की उपाधि दी थी।
- प्रश्न 355 मेवाड़ में एकलिंग जी का मंदिर किसने बनवाया
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- (अ) शिलादित्य
- (ब) गुहलादित्य
- (स) नागदित्य
- (द) बप्पा रावल
उत्तर : बप्पा रावल
व्याख्या :
बापा रावल हारीत ऋषि का शिष्य एवं पाशुपत संप्रदाय का अनुयायी था। अतः उसने पाशुपत एकलिंगजी को अपना आराध्यदेव माना एवं कैलाशपुरी (उदयपुर) में एकलिंगजी का मंदिर बनवाया।
- प्रश्न 356 उन्दरी गांव का भील सरदार अपने अंगूठे के रक्त किस वंश का राजतिलक किया
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- (अ) सिसोदिया
- (ब) राठौड़
- (स) प्रतिहार
- (द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर : इनमें से कोई नहीं
व्याख्या :
मेवाड़ में किसी राजकुमार का राज्याभिषेक समारोह होता तब उन्दरी गांव का कोई भील सरदार अपने अंगूठे से रक्त निकालकर राजतिलक की रस्म अदायगी करने लगा।
- प्रश्न 357 किस राज्य के राजचिन्ह में जो दृढ़ राखे धर्म को तिहि राखे करतार उल्लेख है
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- (अ) गोहिल
- (ब) कछुआ
- (स) राठौड़
- (द) सिसोदिया
उत्तर : गोहिल
व्याख्या :
मेवाड़ के राजा स्वयं को राम के वंशज बताते हैं, इसी कारण भक्तों एवं चरणों ने मेवाड़ के शासकों को रघुवंशी तथा हिंदुआ सूरज कहने लगे गुहिल राज्य के चिन्ह में जो दृढ़ राखे धर्म को ताहि राखे करतार अंकित है ।
- प्रश्न 358 अकबर द्वारा भगवान दास को महाराणा प्रताप के पास संधि वार्ता के लिए कब भेजा गया?
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- (अ) सितंबर 1573
- (ब) 1572
- (स) अक्टूबर 1573
- (द) दिसंबर 1573
उत्तर : सितंबर 1573
व्याख्या :
भगवानदास द्वारा सन्धि प्रस्ताव (सितम्बर-अक्टूबर 1573 ई.): अकबर ने अहमदाबाद से मानसिंह के पिता भगवन्तदास (भगवानदास) को कई प्रतिष्ठित मुस्लिम सेनानायकों के साथ ईसर के रास्ते से महाराणा प्रताप के पास भेजा।
- प्रश्न 359 गुहिल वंश के वास्तविक संस्थापक व प्रथम प्रतापी शासक कौन हैं -
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- (अ) एकलिंग जी
- (ब) बप्पा रावल
- (स) जैत्र सिंह
- (द) रण सिंह
उत्तर : बप्पा रावल
व्याख्या :
बापा रावल ने 734 ई. में मौर्य शासक मान मोरी को पराजित कर सत्ता स्थापित की। कविराजा श्यामलदास ने ‘वीर विनोद’ में बापा द्वारा मौर्यों से चित्तौड़ दुर्ग छीनने का समय 734 ई. बताया है।
- प्रश्न 360 निम्न में से किस वंश ने चित्तौड़ पर शासन किया था -
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- (अ) गुहिल वंश
- (ब) चैहान वंश
- (स) राठौड़ वंश
- (द) गढ़वाल वंश
उत्तर : गुहिल वंश
व्याख्या :
गुहिल वंश ने चित्तौड़ पर शासन किया।
- प्रश्न 361 निम्न में से कौनसा युग्म सही सुमेलित है -
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- (अ) हल्दीघाटी का युद्ध - 1556
- (ब) खातौली का युद्ध - 1517
- (स) तराइन का युद्ध - 1151
- (द) खानवा का युद्ध - 1526
उत्तर : खातौली का युद्ध - 1517
व्याख्या :
खातौली का युद्ध 1517 में इब्राहिम लोदी और मेवाड़ साम्राज्य के राणा साँगा के बीच हुआ था। इस युद्ध में राणा साँगा ने इब्राहिम लोदी को हरा दिया था।
हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को मेवाड़ के राणा, महाराणा प्रताप और मुगल सम्राट अकबर की सेनाओं के बीच हुआ था, जिसका नेतृत्व अंबर के राजा मान सिंह प्रथम ने किया था।
- प्रश्न 362 किस राजपूत रानी ने हुमायूं के पास राखी भेजकर बहादुरशाह के खिलाफ सहायता का सन्देश भेजा था -
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- (अ) रानी हाड़ा
- (ब) रानी कर्णवती
- (स) रानी कृष्णवती
- (द) नी पद्मिनी
उत्तर : रानी कर्णवती
व्याख्या :
1535 में गुजरात के बहादुरशाह ने मेवाड़ पर आक्रमण किया। इस समय राणा सांगा के द्वितीय पुत्र विक्रमादित्य का (1531-36 ई.) शासन था। वह किले की रक्षा का भार देवलिया प्रतापगढ़ के ठाकुर बाघसिंह को सौंप कर बूँदी चला गया। चित्तौड़ की रक्षार्थ कर्मावती (कर्णावती) ने मुगल बादशाह हुमायूँ राखी भेजी। मगर हुमायूँ समय पर सहायता नहीं कर सका। अतः किले का पतन जानकर रानी कर्मावती ने अन्य राजपूत स्त्रियों के साथ इनमें विक्रमादित्य की पत्नी जवाहर बाई भी शामिल थी, जौहर किया तथा राजपूत योद्धा लड़ते हुए मारे गए। यह घटना चित्तौड़ के ‘दूसरा साका’ के नाम प्रसिद्ध है।
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