मेवाड़ का गुहिल वंश
- प्रश्न 383 राणा रतन सिंह की मृत्यु के पश्चात् मेवाड़ का शासक कौन बना -
CET 2024 (12th Level) 22 October Shift-II -
- (अ) राणा विक्रमादित्य
- (ब) राणा अमर सिंह
- (स) महाराणा प्रताप
- (द) महाराणा राज सिंह
उत्तर : राणा विक्रमादित्य
व्याख्या :
महाराणा सांगा की मृत्यु के बाद उनके पुत्र रतनसिंह शासक बने। राणा रतनसिंह (1528-1531 ई.) की मृत्यु के बाद राणा विक्रमादित्य (1531-1536 ई.) मेवाड़ के शासक बने। राणा सांगा की हाडी रानी कर्मावती के दो अल्प आयु पुत्र विक्रमादित्य व उदयसिंह थे। विक्रमादित्य अल्प वयस्क तो रानी कर्मावती संरक्षिका बनी। सन् 1535 में गुजरात के बहादुरशाह ने मेवाड़ पर आक्रमण किया। इस समय राणा सांगा के द्वितीय पुत्र विक्रमादित्य का (1531-36 ई.) शासन था।
- प्रश्न 384 राणा सांगा की मृत्यु के पश्चात् मेवाड़ का शासक कौन बना? (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनेः)
CET 2024 (12th Level) 24 October Shift-I -
- (अ) राणा उदय सिंह
- (ब) राणा अमर सिंह
- (स) राणा विक्रमादित्य
- (द) राणा रतन सिंह
उत्तर : राणा रतन सिंह
व्याख्या :
महाराणा सांगा के बड़े पुत्र भोजराज (मीराबाई के पति) थे। लेकिन युद्ध में इनकी मृत्यु के बाद महाराणा सांगा ने रतनसिंह को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। महाराणा सांगा की मृत्यु के बाद उनके पुत्र रतनसिंह शासक बने।
- प्रश्न 385 आठवीं शताब्दी में बापा रावल ने मेवाड़ क्षेत्र में किस स्वतंत्र राजवंश की नींव रखी -
Junior Instructor (EC) Exam 2024 -
- (अ) सिसोदिया
- (ब) चौहान
- (स) गुहिल
- (द) हाडा
उत्तर : गुहिल
व्याख्या :
आठवीं शताब्दी में बापा रावल ने गुहिल राजवंश की स्थापना की, जिससे आगे चलकर सिसोदिया वंश निकला।
ऐसी मान्यता है कि बापा रावल हारीत ऋषि की गायें चराते थे। हारीत ऋषि की अनुकम्पा से ही बापा रावल ने मेवाड़ का राज्य प्राप्त किया था। बापा रावल ने 734 ई. में मौर्य शासक मान मोरी को पराजित कर सत्ता स्थापित की।
- प्रश्न 386 निम्नलिखित में से राणा कुम्भा की कौन-सी कृति ‘संगीत’ पर नहीं है -
Junior Instructor (EC) Exam 2024 -
- (अ) सूड प्रबन्ध
- (ब) संगीत राज
- (स) संगीत मीमांसा
- (द) एकलिंग माहात्म्य
उत्तर : एकलिंग माहात्म्य
व्याख्या :
‘एकलिंग माहात्म्य’ एक धार्मिक ग्रंथ है, जो राजस्थान के उदयपुर में स्थित भगवान शिव को समर्पित एक हिंदू मंदिर एकलिंगजी के गुणों का गुणगान करता है। जबकि राणा कुम्भा द्वारा लिखी गई ‘सूड प्रबंध’, ‘संगीत राज’ और ‘संगीत मीमांसा’ संगीत पर आधारित हैं।
- प्रश्न 387 अकबर ने दिसंबर 1573 में प्रताप को समझाने के लिए किसे भेजा -
Junior Instructor (Fitter) Exam 2024 -
- (अ) जलाल खान
- (ब) मान सिंह
- (स) भगवन्त दास
- (द) टोडरमल
उत्तर : टोडरमल
व्याख्या :
सर्वप्रथम सितम्बर 1572 ई. में जलाल खाँ प्रताप के पास गया। दिसंबर, 1573 ई. में महाराणा प्रताप को संधि हेतु मनाने के लिए अकबर ने अपना चौथा संधि प्रस्ताव दल मेवाड़ भेजा जिसका नेतृत्व टोडरमल ने किया।
- प्रश्न 388 गुहिल वंश ने मुख्यतः कहाँ शासन किया -
Junior Instructor (MDE) Exam 2024 -
- (अ) ढूंढाड़
- (ब) मारवाड़
- (स) जाँगल
- (द) मेवाड़
उत्तर : मेवाड़
व्याख्या :
गुहिल वंश का मुख्य केंद्र मेवाड़ था। इस वंश की स्थापना बप्पा रावल ने की थी।
- प्रश्न 389 राणा सांगा के उस सहयोगी का नाम बताइये जिसने खानवा युद्ध के नाजुक पड़ाव पर अपना समर्थन वापस ले लिया। (निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें)
Junior Instructor (RAT) Exam 2024 -
- (अ) मेदनीराय
- (ब) राव गंगा
- (स) उदयसिंह
- (द) सल्हदी तंवर
उत्तर : सल्हदी तंवर
व्याख्या :
खानवा का युद्ध (17 मार्च, 1527) : खानवा युद्ध राणा सांगा एवं मुगल सम्राट जहीरुद्दीन मुहम्मद बाबर के मध्य 17 मार्च, 1527 ई. को बयाना के पास (वर्तमान रूपबास) हुआ। रायसीन के सलहदी तंवर व नागौर के खानजादा के युद्ध के अंतिम दौर में बाबर से मिल जाने से अंतिम रूप से विजय बाबर की हुई।
- प्रश्न 390 कर्नल जेम्स टॉड ने गुहिल वंश की उत्पत्ति को लेकर क्या तर्क दिया -
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- (अ) गुहिल वंश ब्राह्मण वंश से उत्पन्न हुआ।
- (ब) गुहिल वंश विदेशियों की संतान था और वल्लभी के शिलादित्य की रानी पुष्पावती से संबंधित था।
- (स) गुहिल वंश क्षत्रिय वंश था जो हारित ऋषि के आशीर्वाद से स्थापित हुआ।
- (द) गुहिल वंश ईरान के नौशेरवां आदिल से उत्पन्न हुआ।
उत्तर : गुहिल वंश विदेशियों की संतान था और वल्लभी के शिलादित्य की रानी पुष्पावती से संबंधित था।
व्याख्या :
कर्नल टॉड ने फारसी तवारीखों और जैन ग्रंथों के आधार पर यह तर्क दिया कि वल्लभी पर विदेशी आक्रमण के बाद शिलादित्य की रानी पुष्पावती ने एक गुफा में बच्चे को जन्म दिया, जिससे गुहिल वंश शुरू हुआ।
- प्रश्न 391 निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य बप्पा रावल के सिक्कों के संबंध में सही नहीं है -
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- (अ) बप्पा के समय के तांबे और स्वर्ण धातु के सिक्के मिले हैं।
- (ब) स्वर्ण सिक्के का वजन 119 ग्रेन था।
- (स) सिक्कों पर कामधेनु, शिवलिंग, नन्दी और त्रिशूल जैसे चिह्न अंकित थे।
- (द) सिक्कों पर बप्पा रावल का चित्र भी अंकित था।
उत्तर : सिक्कों पर बप्पा रावल का चित्र भी अंकित था।
व्याख्या :
बप्पा के समय के तांबे एवं स्वर्ण धातु के सिक्के मिले हैं जिनमें स्वर्ण सिक्का 119 ग्रेन का है। इन पर कामधेनु, शिवलिंग, बछड़ा, नन्दी, दण्डवत करता हुआ पुरुष, त्रिशूल, चमर आदि का अंकन हुआ है। लेकिन बप्पा रावल के चित्र का कोई उल्लेख नहीं है।
- प्रश्न 392 निम्नलिखित में से किस मुगल सेनानायक को दिवेर के युद्ध में महाराणा प्रताप ने परास्त किया था -
RPSC EO/RO Re-Exam - 2022 -
- (अ) शाहबाज खान
- (ब) सुल्तान खां
- (स) रहीम
- (द) जलाल खां
उत्तर : सुल्तान खां
व्याख्या :
दिवेर का युद्ध/मेवाड़ का माराथन (अक्टूबर, 1582) : ‘अमरकाव्य’ के अनुसार 1582 ई. में राणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर (कुंभलगढ़) पर जबरदस्त आक्रमण किया। यहाँ का सूबेदार अकबर का काका सेरिमा सुल्तान खां था। जब कुंवर अमरसिंह ने अपना भाला सेरिमा सुल्तान पर मारा तो भाला सेरिमा के लोहे के बख्तर को चीरते हुए उसके शरीर में प्रवेश कर पार हो गया। यह देख बाकी मुगल सेना भाग खड़ी हुई। दिवेर विजय की ख्याति चारों ओर फैल गई। इसके बाद प्रताप ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मेवाड़ को मुगलों से मुक्त करा लिया।
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