मेवाड़ का गुहिल वंश
- प्रश्न 391 निम्नलिखित में से कौन-सा तथ्य बप्पा रावल के सिक्कों के संबंध में सही नहीं है -
-
- (अ) बप्पा के समय के तांबे और स्वर्ण धातु के सिक्के मिले हैं।
- (ब) स्वर्ण सिक्के का वजन 119 ग्रेन था।
- (स) सिक्कों पर कामधेनु, शिवलिंग, नन्दी और त्रिशूल जैसे चिह्न अंकित थे।
- (द) सिक्कों पर बप्पा रावल का चित्र भी अंकित था।
उत्तर : सिक्कों पर बप्पा रावल का चित्र भी अंकित था।
व्याख्या :
बप्पा के समय के तांबे एवं स्वर्ण धातु के सिक्के मिले हैं जिनमें स्वर्ण सिक्का 119 ग्रेन का है। इन पर कामधेनु, शिवलिंग, बछड़ा, नन्दी, दण्डवत करता हुआ पुरुष, त्रिशूल, चमर आदि का अंकन हुआ है। लेकिन बप्पा रावल के चित्र का कोई उल्लेख नहीं है।
- प्रश्न 392 निम्नलिखित में से किस मुगल सेनानायक को दिवेर के युद्ध में महाराणा प्रताप ने परास्त किया था -
RPSC EO/RO Re-Exam - 2022 -
- (अ) शाहबाज खान
- (ब) सुल्तान खां
- (स) रहीम
- (द) जलाल खां
उत्तर : सुल्तान खां
व्याख्या :
दिवेर का युद्ध/मेवाड़ का माराथन (अक्टूबर, 1582) : ‘अमरकाव्य’ के अनुसार 1582 ई. में राणा प्रताप ने मुगलों के विरुद्ध दिवेर (कुंभलगढ़) पर जबरदस्त आक्रमण किया। यहाँ का सूबेदार अकबर का काका सेरिमा सुल्तान खां था। जब कुंवर अमरसिंह ने अपना भाला सेरिमा सुल्तान पर मारा तो भाला सेरिमा के लोहे के बख्तर को चीरते हुए उसके शरीर में प्रवेश कर पार हो गया। यह देख बाकी मुगल सेना भाग खड़ी हुई। दिवेर विजय की ख्याति चारों ओर फैल गई। इसके बाद प्रताप ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और मेवाड़ को मुगलों से मुक्त करा लिया।
page no.(40/40)