राजस्थान में रीति -रिवाज एवं प्रथाएं
- प्रश्न 41 डाकन प्रथा मुख्य रूप से किस जाति में पायी जाती थी-
-
- (अ) कालबेलिया
- (ब) भील व मीणा
- (स) सांसी
- (द) गरासिया
उत्तर : भील व मीणा
- प्रश्न 42 किस प्रथा के अनुसार पत्नी अपने पति को छोड़कर किसी अन्य पुरूष के साथ रह सकती है -
-
- (अ) नाता
- (ब) जोसर
- (स) सुमेला
- (द) डाबरिया
उत्तर : नाता
- प्रश्न 43 कौनसा संस्कार शिशु जन्म से पूर्व नहीं किया जा सकता -
-
- (अ) गर्भाधान
- (ब) पुंसवन
- (स) सीमन्तोन्नयन
- (द) निष्क्रमण
उत्तर : निष्क्रमण
व्याख्या :
निष्क्रमण संस्कार बच्चे के जन्म के उपरांत उसके चौथे अथवा छठवें महीने में किया जाता है। बच्चे के जन्म लेने के बाद कुछ दिन बच्चे को घर से नहीं निकाला जाता। इसके पीछे मान्यता है कि जब तक बच्चा शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ ना हो जाए तब तक उसे घर से बाहर नहीं निकालना चाहिए। इससे शिशु पर कुप्रभाव पड़ सकता है।
- प्रश्न 44 शिशु के पहले या तीसरे वर्ष में सिर के बाल पहली बार कटवाए जाते हैं, यह प्रथा कहलाती है-
-
- (अ) जडूला
- (ब) मुंडन
- (स) चूड़ाकर्म
- (द) उक्त सभी
उत्तर : उक्त सभी
- प्रश्न 45 किस संस्कार के पश्चात् ब्रह्मचर्याश्रम की शुरूआत होती है-
-
- (अ) विद्यारम्भ
- (ब) उपनयन
- (स) समावर्तन
- (द) चूड़ाकर्म
उत्तर : उपनयन
व्याख्या :
ब्रह्मचारी विद्यार्थी जीवन की शुरुआत उपनयन संस्कार से होती है जिसे ‘दूसरा जन्म’ कहा जाता है। लगभग 5 या 6 वर्ष की आयु के बच्चे को उपनयन संस्कार करके ब्रह्मचर्याश्रम में दीक्षित किया जाता है।
- प्रश्न 46 निम्न में से कौन सी प्रथा विवाह समारोह से संबंधित नहीं है-
-
- (अ) बढार
- (ब) कन्यावाल
- (स) बड़ी पड़ला
- (द) पानीवाड़ा
उत्तर : पानीवाड़ा
व्याख्या :
दाह-संस्कार में शामिल लोगों द्वारा स्नान करना पानीवाड़ा कहलाता है।
पाणिग्रहण - चंवरी में वधु का हाथ वर के हाथ में देना।
- प्रश्न 47 मृत्यु उत्सव के लिए राजस्थान में निम्न में से कौनसा एक नाम है-
-
- (अ) दापा
- (ब) मोसर
- (स) हेल्मो
- (द) बढ़ार
उत्तर : मोसर
- प्रश्न 48 राजस्थान में ‘सागड़ी निवारण अधिनियम’ किस वर्ष पारित किया गया -
-
- (अ) 1955 में
- (ब) 1961 में
- (स) 1968 में
- (द) 1965 में
उत्तर : 1961 में
व्याख्या :
इस प्रथा के अनुसार, साहूकार सेठ उधारकर्ता को पैसा उधार देता है और उधारकर्ता या उसके परिवार का कोई सदस्य खुद को नौकर के रूप में रखता है। सागड़ी निवारण अधिनियम 1961 के द्वारा भारत सरकार ने इसे गैर कानूनी घोषित कर दिया । बंधुआ श्रम प्रणाली अधिनियम 1976 को लागू करके 25 अक्टूबर 1985 को पूरे देश से बंधुआ श्रम प्रणाली को समाप्त कर दिया गया था।
- प्रश्न 49 राजस्थान में सर्वप्रथम किस जिले में कन्या वध को गैर कानूनी घोषित किया गया-
-
- (अ) बूँदी
- (ब) कोटा
- (स) अलवर
- (द) जयपुर
उत्तर : कोटा
व्याख्या :
राजस्थान में प्रचलित इस प्रथा में कन्या के जन्म लेते ही उसे अफीम देकर या गला दबाकर मार दिया जाता था। कन्या-वध समाज में अत्यंत ही क्रूर व भयावह कृत्य था। हाड़ौती के पॉलिटिकल एजेण्ट विलकिंसन के प्रयासों से लार्ड विलियम बैंटिक के समय में राजस्थान में सर्वप्रथम कोटा राज्य में सन् 1833 में तथा बूंदी राज्य में 1834 ई. में कन्या वध करने को गैर कानूनी घोषित कर दिया गया।
- प्रश्न 50 राजस्थान की संस्कृति में ‘मुगधणा’ क्या है-
-
- (अ) माताजी को मेहंदी चढाकर मेहमानों में बाँटना |
- (ब) लाख की चूड़ियाँ जिसमें चाँदी की कड़ी पिरोई जाती है |
- (स) भोजन पकाने के लिए लकडियां जो विनायक स्थापना के पश्चात लाई जाती है |
- (द) वधू को मूँग और घी खिलाना |
उत्तर : भोजन पकाने के लिए लकडियां जो विनायक स्थापना के पश्चात लाई जाती है |
व्याख्या :
मुगधणा – विवाह में भोजन पकाने के लिए काम में ली गई लकड़ियाँ।
page no.(5/14)