राजस्थान में लोकायुक्त
- प्रश्न 41 राजस्थान लोकायुक्त एवं उप-लोकायुक्त अध्यादेश राजस्थान में अधिनियम के रूप में कब प्रभावी हुआ -
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- (अ) 1976
- (ब) 1970
- (स) 1975
- (द) 1973
उत्तर : 1973
व्याख्या :
वर्ष 1973 में राजस्थान लोकायुक्त तथा उप लोकायुक्त अध्यादेश पारित हुआ, जो 3 फरवरी, 1973 से राजस्थान में प्रभावी हुआ। इसे 26 मार्च, 1973 को महामहिम राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हो गई और तब से यह अधिनियम के रूप में प्रदेश में प्रभावी है।
- प्रश्न 42 राजस्थान लोकायुक्त और उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 की धारा 7 के तहत, लोकायुक्त को कुछ मामलों में मंत्रियों और लोक सेवकों के खिलाफ आरोपों की जाँच करने का अधिकार है। निम्नलिखित में से कौन सा विषय उन जाँचों का हिस्सा नहीं है -
Raj. State and Sub. Services Comb. Comp. (Pre) Exam - 2024 -
- (अ) लोक सेवकों द्वारा पहुँचाई गई अकारण हानि या, पीड़ा।
- (ब) अपने या किसी अन्य व्यक्ति के लिए अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए एक लोक सेवक के रूप में अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग करना।
- (स) महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जांतिगत भेदभाव और बच्चों के खिलाफ हिंसों।
- (द) लोक सेवक की हैसियत से भ्रष्टाचीर का दोषी होने या पारदर्शिता की कमी से संबंधित हो सकता है।
उत्तर : महिलाओं का यौन उत्पीड़न, जांतिगत भेदभाव और बच्चों के खिलाफ हिंसों।
व्याख्या :
लोकायुक्त संस्थान द्वारा राज्य के मंत्रियों, सचिवों, विभागाध्यक्षों, लोकसेवकों, जिला परिषदों के प्रमुखों व उप प्रमुखों, पंचायत समितियों के प्रधानों व उप-प्रधानों, जिला परिषदों व पंचायत समितियों की स्थायी समितियों के अध्यक्षों, नगर निगमों के महापौर एवं उप महापौर, स्थानीय प्राधिकरण, नगरपरिषदों, नगरपालिकाओं व नगर विकास न्यासों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों, राजकीय कम्पनियों व निगमों अथवा मण्डलों के अध्यक्षों, अधिकारियों व कर्मचारियों के विरूद्ध शिकायतों की जाँच की जाती है।
लोक सेवकों द्वारा किसी को अनुचित हानि या कठिनाई पहुँचाने, अपने या अन्य किसी व्यक्ति के लिए अवैध लाभ प्राप्त करने हेतु लोक सेवक के रूप में अपनी पदीय स्थिति का दुरूपयोग करने व अपने कृत्यों का निर्वहन करने में व्यक्तिगत हित या भ्रष्ट अथवा अनुचित हेतुओं से प्रेरित होने एवं लोक सेवक की हैसियत में भ्रष्टाचार या सच्चरित्रता की कमी का दोषी होने पर इनके विरूद्ध शिकायत की जा सकती है।
पाँच वर्ष से अधिक पुराने मामले की शिकायत नहीं की जा सकती।
- प्रश्न 43 लोकायुक्त, राजस्थान निम्नलिखित में से किनके विरुद्ध शिकायतें नहीं सुन सकते -
RPSC EO/RO Re-Exam - 2022 -
- (अ) जिला कलेक्टर
- (ब) जिला प्रमुख
- (स) राजस्थान के कैबिनेट मंत्री
- (द) राजस्थान विधान सभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी
उत्तर : राजस्थान विधान सभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी
व्याख्या :
लोकायुक्त संस्था का सृजन जन साधारण को स्वच्छ प्रशासन प्रदान करने के उद्देश्य से लोक सेवकों के विरूद्ध भ्रष्टाचार एवं पद के दुरूपयोग सम्बन्धी शिकायतों पर स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से जॉंच एवं अन्वेषण करने हेतु राजस्थान लोकायुक्त तथा उप-लोकायुक्त अधिनियम, 1973 के अन्तर्गत हुआ। इनके विरूद्ध इस संस्थान में शिकायत नहीं:- उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति या न्यायाधीश अथवा संविधान के अनुच्छेद 236 के खण्ड (ख) में यथा परिभाषित न्यायिक सेवा का सदस्य,
- भारत में किसी भी न्यायालय के अधिकारी अथवा कर्मचारी,
- मुख्यमंत्री, राजस्थान
- महालेखाकार, राजस्थान,
- राजस्थान लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष अथवा सदस्य,
- मुख्य निर्वाचन आयुक्त, निर्वाचन आयुक्त, प्रादेशिक आयुक्त तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान,
- राजस्थान विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी,
- सरपंचों, पंचों व विधायकों के विरूद्ध भी शिकायतें की जाती हैं किन्तु उनके विरूद्ध प्रसंज्ञान नहीं लिया जा सकता है क्योंकि वे अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं,
- सेवानिवृत्त लोक सेवक।
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