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25 August 2022

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के फरीदाबाद में दो हजार 600 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अमृता अस्पताल का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने फरीदाबाद में अत्याधुनिक अमृता अस्पताल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय, मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल, उपमुख्यमंत्री श्री दुष्यंत चौटाला, केंद्रीय मंत्री श्री कृष्ण पाल गुर्जर, श्री माता अमृतानंदमयी भी उपस्थित थे। प्रधानमंत्री द्वारा फरीदाबाद में अमृता अस्पताल का उद्घाटन संपन्न होने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा। माता अमृतानंदमयी मठ द्वारा संचालित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल 2600 बिस्तरों से लैस होगा। करीब 6000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से इस अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। यह अस्पताल फरीदाबाद और पूरे एनसीआर क्षेत्र के लोगों को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करेगा।

प्रधानमंत्री ने साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) में होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मोहाली में होमी भाभा कैंसर अस्पताल और अनुसंधान केंद्र राष्ट्र को समर्पित किया। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल श्री बनवारीलाल पुरोहित, मुख्यमंत्री श्री भगवंत मान, केन्द्रीय मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे। पंजाब और पड़ोसी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के निवासियों को विश्वस्तरीय कैंसर देखभाल प्रदान करने के प्रयास में, प्रधानमंत्री ने मुल्लांपुर, नई चंडीगढ़, साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मोहाली जिले में 'होमी भाभा कैंसर अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र' राष्ट्र को समर्पित किया है। भारत सरकार के परमाणु ऊर्जा विभाग के तहत एक सहायता प्राप्त संस्थान, टाटा मेमोरियल सेंटर द्वारा अस्पताल को 660 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। कैंसर अस्पताल 300 बिस्तरों की क्षमता वाला एक तृतीयक देखभाल अस्पताल है। यह सर्जरी, रेडियोथेरेपी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी - कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट जैसी हर उपलब्ध उपचार पद्धति का उपयोग करके सभी प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस है। संगरूर में 100 बिस्तरों वाले अस्पताल इस अस्पताल के 'स्पोक' के रूप में काम करेगा और यह अस्पताल इस क्षेत्र में कैंसर देखभाल और उपचार के 'हब' की तरह काम करेगा।

रक्षा मंत्री ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद से एक साथ लड़ने और आतंकवाद के सभी स्‍वरूपों को समाप्‍त करने का शंघाई सहयोग संगठन से आह्वान किया है। श्री राजनाथ ने उज्बेकिस्तान के ताशकंद में शंघाई सहयोग संगठन के रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया। रक्षा मंत्री ने वर्ष 2023 में शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रालयों के लिए भारत में एक कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। यह कार्यशाला मानवीय सहायता और आपदा रोधी बुनियादी ढांचा विषय पर होगी। उन्होंने शांतिपूर्ण, सुरक्षित और स्थिर अफगानिस्तान के लिए भारत के पूर्ण समर्थन का आश्‍वासन दिया। श्री सिंह ने अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में संप्रभुता, स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय एकता और गैर-हस्तक्षेप का सम्मान करने पर भी बल दिया। उन्होंने सभी पक्षों से अफगानिस्तान के अधिकारियों को बातचीत के माध्यम से राष्ट्रीय सहमति प्राप्‍त करने का आग्रह किया। उन्होंने इस संबंध में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के महत्व को रेखांकित किया।

देशभर में भारतमाला परियोजना के अन्‍तर्गत माल ढुलाई को केन्‍द्रीयकृत करने के लिए आधुनिक मल्‍टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क के त्रिपक्षीय समझौते पर हस्‍ताक्षर

देशव्यापी भारतमाला परियोजना के तहत आधुनिक मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के तेजी से विकास के लिए त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किये गए हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और सड़क परिवहन तथा राजमार्ग राज्य मंत्री वी.के सिंह की उपस्थिति में इस समझौते पर हस्ताक्षर किये गए । इसका उद्देश्य माल ढुलाई को केंद्रीकृत करना और अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप लॉजिस्टिक लागत को सकल घरेलू उत्‍पाद के चौदह प्रतिशत से घटाकर दस प्रतिशत से कम करना है। इस त्रिपक्षीय समझौते पर राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक प्रबंधन लिमिटेड, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और रेल विकास निगम लिमिटेड ने हस्ताक्षर किए । इस अवसर पर श्री गडकरी ने कहा कि यह मॉडल गति शक्ति के माध्यम से राष्ट्र का निर्माण करना है। मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के माध्यम से रेल और सड़क पहुंच के साथ माल ढुलाई सुविधा मिलेगी। इसमे कंटेनर टर्मिनल, कार्गो टर्मिनल , गोदामों, कोल्ड स्टोरेज, मशीनीकृत सामग्री हैंडलिंग के लिए सुविधाएं और बंधुआ भंडारण के साथ सीमा शुल्क क्‍लीयरेंस जैसी मूल्य वर्धित सेवाएं शामिल हैं।

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने नई दिल्‍ली में स्‍वाधीनता संग्राम के नायकों और उपलब्धियों पर ऑनलाइन मोबाइल गेम्‍स की श्रृंखला आजादी क्‍वेस्‍ट का शुभारंभ किया

सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने नई दिल्ली में ऑनलाइन मोबाइल गेम्स की श्रृंखला आजादी क्वेस्ट का शुभारंभ किया। यह श्रृंखला भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित है। आज़ादी क्वेस्ट मज़ेदार गेम और सीखने के लिए सभी उम्र के लोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है।इस सीरीज का पहला गेम है 'आज़ादी क्वेस्ट: मैच 3 पज़ल' बड़ा सरल और खेलने में आसान कैजुअल गेम है, जो खिलाड़ियों के सामने 1857 से 1947 तक भारत की स्वतंत्रता की शानदार यात्रा को प्रस्तुत करता है। जैसे-जैसे खिलाड़ी 495 लेवल में फैले इस गेम को खेलते हुए आगे बढ़ते हैं, वे 75 ट्रिविया कार्ड इकट्ठा कर सकते हैं, जिनमें से हर कार्ड इतिहास के महत्वपूर्ण क्षणों को प्रदर्शित करता है। वे लीडरबोर्ड पर मुकाबला कर सकते हैं और सोशल मीडिया पर इन-गेम पुरस्कार और प्रोग्रेस साझा कर सकते हैं। दूसरी ओर 'आज़ादी क्वेस्ट: हीरोज़ ऑफ भारत' को 75 लेवल में फैले 750 प्रश्नों के माध्यम से भारत की स्वतंत्रता के नायकों के बारे में खिलाड़ियों के ज्ञान को परखने वाले एक क्विज़ गेम के तौर पर डिज़ाइन किया गया है। इसमें उन्हें 75 'आज़ादी वीर' कार्ड के जरिए कम ज्ञात नायकों के बारे में भी बताया जाता है जिन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया जा सकता है। इस अवसर पर प्रकाशन विभाग और सोशल गेम डेवलपर जिंगा के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह पहल खिलौनों और खेलों के माध्यम से लोगों को 'जुड़ने, मनोरंजन करने और शिक्षित करने' के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरित है। इस अवसर पर, प्रकाशन विभाग और जिंगा इंडिया ने 'मोबाइल गेम्स की श्रृंखला के माध्यम से आजादी का अमृत महोत्‍सव' मनाने के लिए साल भर की भागीदारी को चिह्नित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

ट्रांसजेंडरों को व्यापक चिकित्सा पैकेज देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने ट्रांसजेंडरों को व्यापक चिकित्सा पैकेज देने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ आज एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉक्‍टर वीरेंद्र कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया कार्यक्रम में मौजूद थे। इस योजना के तहत ट्रांसजेंडरों के लिए सामान्य स्वास्थ्य प्रावधानों के साथ-साथ जेंडर री-अफर्मेशन सर्जरी यानी दोबारा लिंग पुष्टि के लिए सर्जरी भी शामिल है। प्रत्येक ट्रांसजेंडर को हर वर्ष 5 लाख रुपये का चिकित्सा लाभ दिया जायेगा।

खाद्य पदार्थों की अत्‍याधिक महंगाई वाले दस देशों में श्रीलंका पांचवें स्‍थान पर

विश्‍व बैंक के ताजा आकलन के अनुसार खाद्य पदार्थों की अत्‍याधिक महंगाई वाले दस देशों में श्रीलंका पांचवें स्‍थान पर है। विश्‍व बैंक के आकलन के अनुसार सूची में लेबनान, जिम्‍बाबवे, वेनेजुएला और तुर्की पहले चार स्‍थान पर हैं। विश्‍व बैंक ने एक वक्‍तव्‍य में कहा है कि खाद्य पदार्थों के अत्‍यधिक महंगा होने से वैश्विक संकट पैदा हो गया है जिससे और लाखों लोग गरीबी, भुखमरी और कुपोषण के शिकार होंगे। वक्‍तव्‍य में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों के महंगा होने से निम्‍न और मध्‍यम आय वर्ग वाले देशों के लोगों पर ज्‍यादा असर पडेगा क्‍योंकि ऐसे देशों के लोग उच्‍च आमदनी वाले देशों की तुलना में भोज्‍य पदार्थों पर अपनी आय का बड़ा हिस्‍सा खर्च करते हैं।

थाईलैंड के संवैधानिक न्यायालय ने प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा को आम चुनावों से पहले ही पद से निलंबित किया

थाईलैंड के संवैधानिक न्यायालय ने प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा को आम चुनावों से पहले ही पद से निलंबित कर दिया है। अदालत ने विपक्षी दलों द्वारा दायर मामले की सुनवाई करते हुए यह निर्णय सुनाया। याचिका में दावा किया गया था कि श्री प्रयुत ने प्रधानमंत्री के रूप में अपनी आठ साल की समय-सीमा पूरी कर ली है। पांच न्यायाधीशों में से चार ने प्रधानमंत्री प्रयुत को उनके पद से निलंबित करने पर अपनी सहमति व्यक्त की। इस बीच, सरकार का नेतृत्व करने के लिए एक कार्यवाहक नियुक्त किया जाएगा जो वर्तमान उप-प्रधानमंत्री प्रवित वोंगसुवान हो सकते हैं। यह पहली बार नहीं है जब थाईलैंड की राजनीति में संवैधानिक न्यायालय ने अपनी भूमिका निभाई है। इससे पहले भी संवैधानिक न्यायालय ने 2006 और 2014 में आम चुनाव के परिणाम रद्द कर दिए थे।

केंद्र ने टोमैटो फ्लू के लिए राज्यों को परामर्श जारी किया

केंद्र सरकार ने हाथ, पैर और मुंह की बीमारी- एच.एफ.एम.डी. के लिए राज्यों को परामर्श जारी किया है। इसे टोमैटो फ्लू के नाम से भी जाना जाता है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार टोमैटो फ्लू के बारे में सबसे पहले केरल के कोल्लम जिले में 6 मई को पता चला था। स्थानीय सरकारी अस्पतालों के अनुसार 26 जुलाई तक पांच वर्ष से कम आयु के 82 बच्चों में इस संक्रमण की पुष्टि हुई थी। केरल के आंचल, आर्यनकवु और नेदुवथुर इलाके भी इससे प्रभावित हैं। पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु और कर्नाटक में संक्रमण को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। केरल, तमिलनाडु, हरियाणा और ओडिसा के अलावा देश के किसी भी अन्य राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में इस संक्रमण की जानकारी नहीं मिली है। हाथ, पैर और मुंह की बीमारी- एच.एफ.एम.डी. के लक्षणों में बुखार आना, मुंह में छाले और त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना शामिल है। इसकी शुरुआत हल्के बुखार से होती है, भूख कम लगती है और बेचैनी रहती है।

केरल सरकार दवाओं के लिए ऑनलाइन निगरानी प्रणाली शुरू करेगी

केरल के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी के आरोपों के बीच, सरकार जल्द ही राज्य में सरकारी चिकित्सा संस्थानों में दवाओं की उपलब्धता और वितरण को ट्रैक करने के लिए एक ऑनलाइन निगरानी सुविधा शुरू करेगी। यह सुविधा कुछ सरकारी अस्पतालों में दवाओं, यहां तक ​​कि बुनियादी दवाओं की कमी की रिपोर्ट आने के बाद आई है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और वितरण सुनिश्चित करने के लिए इस निगरानी प्रणाली को शुरू करने की घोषणा की है। यह प्रक्रिया मूल रूप से दवाओं के भंडारण और वितरण के साथ-साथ प्रत्येक अस्पताल में आवश्यकता और संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए दवाओं की मांग को संतुलित करने के लिए विकसित की गई है। जब सभी अस्पताल दैनिक आधार पर दवाओं के वितरण के संबंध में डेटा अपडेट करते हैं तो अस्पताल में दवा के स्टॉक को जानना संभव होगा और दवाओं को उनकी कमी के अनुसार वितरित किया जा सकता है। उसके बाद यदि किसी दवा में एक निश्चित प्रतिशत की कमी होती है, तो इसकी सूचना KMSCL को दी जानी चाहिए ताकि बिना किसी देरी के दवाओं की खरीद की जा सके। केरल सरकार के इस कदम से अस्पतालों में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने गोपाल रत्न पुरस्कार-2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से गोपाल रत्न पुरस्कार-2022 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 सिंतबर है। ये पुरस्कार 26 नवंबर को राष्ट्रीय दुग्ध दिवस के अवसर पर प्रदान किए जाएंगे। मंत्रालय ने कहा कि पशुपालन और डेयरी विभाग किसानों को स्थायी आजीविका प्रदान करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन देश में पहली बार दिसंबर 2014 में शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य स्वदेशी गोवंशीय नस्लों को वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित और विकसित करना है।

इलेक्ट्रॉनिक-पासपोर्ट की अगले छह महीने में शुरुआत हो जायेगी

इलेक्ट्रॉनिक-पासपोर्ट की अगले छह महीने में शुरुआत हो जायेगी। विदेश सचिव डॉक्‍टर औसाफ सईद ने हैदराबाद में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट बुक में एक ई-चिप और कुछ अन्‍य विशेषताएं शामिल की जाएंगी। उन्‍होंने कहा कि यह विशेषताएं भारतीय पासपोर्ट की सुरक्षा में सुधार और मशीन रीडिंग को सक्षम बनाएगी। विदेश सचिव के नेतृत्व में अधिकारियों का एक दल हैदराबाद में है। इस दल ने तेलंगाना राज्य सरकार के साथ कई बैठकें कीं। डॉक्‍टर सईद ने कहा कि तेलंगाना में सबसे अधिक संख्या में विदेश जाने वालों को स्‍वीकृति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रवासन और आवागमन समझौतों के लिए 15 और देशों की पहचान की गई है। उन्‍होंने कहा कि ये समझौता वर्तमान में 12 देशों के साथ लागू है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के प्रवासियों के कानूनी संरक्षण के प्रयासों के अन्‍तर्गत भर्ती एजेंटों का एक सम्मेलन कल आयोजित किया जाएगा।

एसएमपी कोलकाता में कॉर्पोरेट और मनोरंजक सुविधाओं से युक्त ब्रिटेन निर्मित पैडल स्टीमर नई साज-सज्जा के साथ जल्द ही जनता के लिए खुलेगी

ब्रिटेन में डंबर्टन शिपयार्ड में 1944 में निर्मित 'पी एस भोपाल' नामक एक पैडल स्टीमर को श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (तत्कालीन कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट) द्वारा नंबर 22 केपीडी पर एक प्रशिक्षण पोत के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। इसकी लंबाई लगभग 63 मीटर और चौड़ाई 9.2 मीटर है। एसएमपी कोलकाता के अध्यक्ष श्री विनीत कुमार ने कहा कि वर्ष 2019 में प्रशिक्षण संस्थान के साथ लीज समझौते के पूरा होने के साथ, एसएमपी कोलकाता इस जहाज का नवीनीकरण करना चाहता है, जिसकी धरोहर के रूप में अहमियत है और इसे जनता के लिए खोलना है। तदनुसार, एसएमपी कोलकाता जहाज के दीर्घकालिक पट्टे के लिए गया था जो उस समय जीर्ण-शीर्ण स्थिति में था और उसका अपना प्रणोदन नहीं था। पट्टे की शर्त के अनुसार 'पी एस भोपाल' नदी तट या घाट से सटी गोदी में रहेगा और अपनी शक्ति से स्वचलित होगा। जहाज में एक प्रदर्शनी स्थल, रेस्तरां, छोटी सभा के लिए स्थान आदि होगा। हालांकि पैडल अभी चालू नहीं है, पोत की मूल संरचना में कोई बदलाव नहीं किया गया है और प्रणोदन के साथ नए मुख्य इंजन स्थापित किए गए हैं ताकि जहाज यात्रियों के साथ नदी में चलते हुए उन्हें उसी तरह का वास्तविक अनुभव दिला सके जैसा कि 1944 में होता था।

राजस्थान में राजीव गांधी उन्नत प्रौद्योगिकी केंद्र का उद्घाटन किया गया

तकनीकी स्नातकों को अधिक रोजगारपरक बनाने के उद्देश्य से राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल ही में जयपुर में राजीव गांधी सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजीज (Rajiv Gandhi Center for Advanced Technologies – R-CAT) का उद्घाटन किया। यह केंद्र वैश्विक स्तर के तकनीकी दिग्गजों के सहयोग से BE, BTech, BCA, MCA, MBA और MSc (IT) के स्नातकों के लिए एक सप्ताह से छह महीने की अवधि के आधुनिक तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा और सफल उम्मीदवारों को विश्व स्तर के प्रमाण पत्र भी जारी किए जाएंगे। इस केंद्र के माध्यम से राज्य के युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में विशेषज्ञों द्वारा उन्नत और उभरती हुई तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। इससे युवाओं को रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे और वे राज्य के विकास में अहम भूमिका निभा सकेंगे।

भारत-मिस्र राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ

मिस्र ने भारत के साथ राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एक डाक टिकट जारी किया। भारत और मिस्र के बीच राजनयिक संबंध तब शुरू हुए जब मिस्र ने भारत की स्वतंत्रता के तीन दिन बाद 18 अगस्त 1947 को भारत की स्वतंत्रता को मान्यता दी। 1950 के दशक में दोनों देश और भी करीब आ गए, जिसके परिणामस्वरूप 1955 में एक ऐतिहासिक मैत्री संधि हुई। 3.15 बिलियन डालर के वर्तमान भारतीय निवेश के साथ मिस्र इस क्षेत्र में भारत के लिए सबसे बड़े निवेश स्थलों में से एक है। इसके अलावा, मिस्र में 50 भारतीय कंपनियां काम कर रही हैं, जो कुल 3.15 अरब डॉलर का निवेश कर रही हैं और 38,000 नौकरियां पैदा कर रही हैं। वे कपड़े, कृषि, रसायन, ऊर्जा, मोटर वाहन और खुदरा क्षेत्रों में हैं।

उत्तराखंड में स्थापित की जाएगी भारत की पहली व्यावसायिक अंतरिक्ष वेधशाला

भारत की पहली व्यावसायिक अंतरिक्ष वेधशाला (commercial space observatory) उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में स्थापित की जाएगी। अंतरिक्ष के क्षेत्र में शुरू किया गया स्टार्टअप दिगंतारा (Digantara) इस प्रयोगशाला का निर्माण करेगा। यह वेधशाला पृथ्वी के चारों ओर अंतरिक्ष में घूमने वाले 10 सेमी आकार के सूक्ष्म कणों की निगरानी करेगी। यह अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता वेधशाला (space situational awareness observatory) अंतरिक्ष के कचरे और पृथ्वी के चारों ओर अंतरिक्ष में मंडराने वाले सैन्य उपग्रहों की निगरानी में मदद करेगी। इन आंकड़ों के साथ, यह उपग्रहों और अन्य अंतरिक्ष यान के बीच टकराव के जोखिम को उनके स्थान, गति और प्रक्षेपवक्र की अधिक सटीक भविष्यवाणी करके कम करने में सक्षम होगा। यह वेधशाला भारत को उपमहाद्वीप पर अंतरिक्ष गतिविधि पर नजर रखने की स्वदेशी क्षमता भी देगी। उदाहरण के लिए, यदि चीनी उपग्रहों को भारत के किसी विशेष क्षेत्र में लंबे समय तक देखा जाता है, तो इन गतिविधियों की निगरानी के लिए अमेरिका जैसे देशों पर भरोसा किए बिना भारत के पास स्वदेशी क्षमता होना एक फायदा है। अभी तक इस तरह की निगरानी रखने में सिर्फ अमेरिका ही आगे है। दुनिया में कई जगहों पर ऐसी वेधशालाओं का संचालन सिर्फ अमेरिका की व्यावसायिक कंपनियां ही कर रही हैं।

नासा आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की तैयारी

नासा 2024 में आर्टेमिस प्रोग्राम के तहत चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने की तैयारी कर रही है। चंद्रमा पर वैज्ञानिकों को उतारने के लिए नासा का मिशन अब आखिरी चरण में है और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 13 संभावित लैंडिंग साइटों की पहचान की है, जहां पर नासा अपने वैज्ञानिकों को उतारने की योजना बना रहा है। इन क्षेत्रों का चयन वैज्ञानिक उद्देश्यों को ध्यान में रखकर किया गया है। नासा की रिपोर्ट के मुताबिक, नासा ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास 13 संभावित क्षेत्र की पहचान की है और इस प्रत्येक क्षेत्र में आर्टेमिस III के लिए कई संभावित लैंडिंग साइट हैं, जो कि चंद्रमा की सतह पर चालक दल को लाने के लिए आर्टेमिस मिशनों में से पहला होगा। नासा के इस मिशन में पहली बार महिला स्पेस यात्री भी शामिल हैं। इससे पहले साल 1969 से 1972 के बीच नासा ने कई अपोलो मिशन चांद पर भेजे थे।

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने बृहस्पति के चित्र लिये

जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (JWST) ने पहली बार बृहस्पति ग्रह की तस्वीर खींची है। दरअसल यह तस्वीर जेम्स वेब ने 27 जुलाई 2022 को खींची थी। उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर बृहस्पति के तूफानी ग्रेट रेड स्पॉट, रिंग, ऑरोरा और ऑरोरा की छवियां आज तक ली गई किसी भी तस्वीर में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रही थीं। जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप एक बड़ा इन्फ्रारेड टेलीस्कोप है। यह ब्रह्मांड के इतिहास के हर चरण का अध्ययन करेगा। इसमें सौर मंडल का निर्माण, बिग बैंग और अन्य सिद्धांत शामिल हैं जो अन्य ग्रहों पर जीवन का समर्थन करते हैं। टेलीस्कोप अतीत के बारे में देखने में सक्षम है जैसे कि प्रारंभिक ब्रह्मांड में अपनी लंबी तरंग दैर्ध्य के माध्यम से बनाई गई पहली आकाशगंगाएं। ये तरंग दैर्ध्य इस टेलिस्कोप को धूल के बादलों के अंदर झांकने में मदद करेंगे जहां से ग्रह और तारे बनते हैं। टेलिस्कोप को दक्षिण अमेरिका के फ्रेंच गयाना से एरियन 5 ईसीए रॉकेट से लॉन्च किया गया था। यह रॉकेट यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का है।

चीन में अब तक का सबसे लंबा सूखा दर्ज किया गया

चीन अब तक के सबसे बड़े सूखे का सामना कर रहा है। इस सूखे ने नदियों को सुखा दिया है और पनबिजली संयंत्रों में बिजली उत्पादन को प्रभावित किया है। 64 वर्षों के बाद, चीन को सबसे लंबी गर्मी का सामना करना पड़ा और इसके परिणामस्वरूप, एशिया की सबसे लंबी नदी यांग्त्ज़ी, जो चीन की सबसे बड़ी नदी है, सूख गई है। यांग्त्ज़ी के सूखने से बांध में पानी की कमी हो गई है और जलविद्युत शक्ति प्रभावित हुई है, जिससे बड़े शहरों या छोटे शहरों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए चीनी सरकार ने पिछले हफ्ते सिचुआन में हजारों फैक्ट्रियों को बिजली की आपूर्ति निलंबित या सीमित कर दी थी। जिसके बाद टोयोटा, फॉक्सकॉन और टेस्ला जैसी कंपनियों ने चीन में स्थापित अपने कुछ संयंत्रों में परिचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। चीन के सिचुआन, हेबेई, हुनान, जियांग्शी, अनहुई और चोंगकिंग प्रान्त में सूखे ने कम से कम 2.46 मिलियन लोगों और 2.2m हेक्टेयर कृषि भूमि को प्रभावित किया है। वहीं, चीन के आपातकालीन प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार सूखे के कारण 780,000 से अधिक लोगों को सीधे सरकारी सहायता की आवश्यकता है। इतने सालों के बाद आए इस सूखे की वजह से अकेले जुलाई में चीन को 2.73 अरब युआन का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे 55 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

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