राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग
- प्रश्न 21 राज्य निर्वाचन आयोग है -
Junior Instructor (MDE) Exam 2024 -
- (अ) द्वि सदस्यीय संस्था
- (ब) एक सदस्यीय संस्था
- (स) बहु सदस्यीय संस्था
- (द) त्रिसदस्यीय संस्था
उत्तर : एक सदस्यीय संस्था
व्याख्या :
राज्य चुनाव आयोग (एसईसी), राजस्थान का गठन जुलाई 1994 में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243K के तहत किया गया था। एसईसी एक एकल सदस्यीय आयोग है, जिसका अध्यक्ष राज्य चुनाव आयुक्त होता है। आयोग मतदाता सूची तैयार करने और पंचायती राज संस्थाओं के साथ-साथ नगर निकायों के लिए चुनाव कराने के माध्यम से अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करता है।
- प्रश्न 22 किस अनुच्छेद के अंतर्गत राज्य चुनाव आयोग नगरपालिका के चुनावों का आयोजन करवाता है -
Junior Instructor (WCS) Exam 2024 -
- (अ) अनुच्छेद 240(1)
- (ब) अनुच्छेद 241(2)
- (स) अनुच्छेद 243(K)
- (द) अनुच्छेद 243(D)
उत्तर : अनुच्छेद 243(K)
व्याख्या :
अनुच्छेद 243(K) के तहत राज्य चुनाव आयोग नगरपालिका के चुनावों का आयोजन करता है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 243K एवं 243ZA के अनुसार राज्य में नगरपालिकाओं एवं पंचायतीराज संस्थाओं की मतदाता सूची की तैयारी तथा इनके चुनावों के संचालन पर पर्यवेक्षण, नियत्रंण, निर्देशन की शक्तियां राज्य निर्वाचन आयोग में निहित हैं।
- प्रश्न 23 राजस्थान राज्य चुनाव आयोग के संबंध में निम्नलिखित में से कौनसा कथन गलत है -
RPSC EO/RO Re-Exam - 2022 -
- (अ) राज्य चुनाव आयुक्त को राजस्थान सरकार या भारत सरकार के शासन सचिव या समान वेतन श्रृंखला के समकक्ष, पद का न्यूनतम पांच साल का अनुभव होना चाहिए।
- (ब) यह मतदाता सूची तैयार करता है और पंचायती राज संस्थाओं के साथ-साथ नगर निकायों के लिए भी चुनाव कराता है।
- (स) भारत के संविधान के अनुच्छेद 243-K के तहत एकल सदस्यीय निकाय के रूप में राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है।
- (द) राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन जुलाई 1995 में किया गया था।
उत्तर : राजस्थान राज्य चुनाव आयोग का गठन जुलाई 1995 में किया गया था।
व्याख्या :
राजस्थान राज्य निर्वाचन आयोग का गठन जुलाई 1994 में किया गया था। इसका अध्यक्ष राज्य चुनाव आयुक्त होता है और इसका एक सचिव होता है जो राज्य का मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी होता है। आयोग मतदाता सूची तैयार करने तथा पंचायती राज संस्थाओं के साथ-साथ नगर निकायों के लिए चुनाव कराने के माध्यम से अपने संवैधानिक कर्तव्य का निर्वहन करता है। संविधान (73 वें और 74 वें – अनुच्छेद 243K) संशोधन अधिनियम, 1992 के तहत प्रत्येक राज्य/संघ शासित प्रदेश के लिए गठित राज्य चुनाव आयोग को निगमों, नगर पालिकाओं, जिला परिषदों, जिला पंचायतों, पंचायत समितियों, ग्राम पंचायतों और अन्य स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की शक्तियाँ दी गई हैं। यह भारत के चुनाव आयोग से स्वतंत्र है। राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा राज्य विधानमंडल द्वारा बनाए गए कानून (अनुच्छेद 243k(2)) के अनुसार की जाती है।
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