राजस्थानी भाषा एवं बोलियां
- प्रश्न 31 डूंगरपुर-बांसवाड़ा क्षेत्र में कौन-सी भाषा बोली जाती है -
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- (अ) मारवाड़ी
- (ब) मेवाती
- (स) वागड़ी
- (द) ढूंढाड़ी
उत्तर : वागड़ी
व्याख्या :
डूंगरपुर और बांसवाड़ा क्षेत्र में वागड़ी बोली बोली जाती है। यह राजस्थानी भाषा की एक बोली है और गुजराती भाषा से मिलती-जुलती है।
- प्रश्न 32 संत चरणदास का साहित्य किस बोली में मिलता है -
Asstt. Agriculture Officer(TSP) Exam 2015 Paper 1 -
- (अ) ढूढाडी
- (ब) शेखावटी
- (स) मेवाती
- (द) तोरावटी
उत्तर : मेवाती
व्याख्या :
सन्त लालदास, चरणदास, दयाबाई, सहजोबाई, डूंगरसिंह भीक, शक्के आदि की रचनाएँ मेवाती बोली में हैं। पूर्वोत्तर राजस्थान के अलवर, भरतपुर में ‘मेव’ जाति का आधिक्य होने इसे ‘मेवात क्षेत्र कहा गया है। इस क्षेत्र में मेवाती बोली का विशेष महत्त्व है।
- प्रश्न 33 राजस्थानी की पहली/औपचारिक व्याकरण लिखी गई, निम्न के द्वारा -
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- (अ) जय सिम्हा सिद्धराजा
- (ब) उदयोतन सूरी
- (स) भोज
- (द) हेमचन्द्र सूरी
उत्तर : हेमचन्द्र सूरी
व्याख्या :
राजस्थानी भाषा की एक औपचारिक व्याकरण जैन भिक्षु और प्रख्यात विद्वान- हेमचंद्र सूरी द्वारा लिखी गई थी।
- प्रश्न 34 निम्न में से बेमेल विकल्प चुनिए -
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- (अ) मारवाड़ी
- (ब) ढूंढाड़ी
- (स) वागड़ी
- (द) मेवाड़ी
उत्तर : ढूंढाड़ी
व्याख्या :
ढंूढाड़ी (पूर्वी राजस्थानी) को छोड़कर बाकी सभी पश्चिमी राजस्थानी की प्रतिनिधि बोलियां हैं।
- प्रश्न 35 निम्न में से कौन विद्वान हैं, जो राजस्थानी भाषा-बोलियों से सम्बन्धित कार्य के लिए नहीं जाने जाते -
Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1) -
- (अ) नोम चोम्स्की
- (ब) जाॅर्ज अब्राहम ग्रियर्सन
- (स) डा. मोतीलाल मेनारिया
- (द) डा. हीरालाल माहेश्वरी
उत्तर : नोम चोम्स्की
- प्रश्न 36 मालवा प्रदेश के राजपूतों में प्रचलित मारवाड़ी और मालवी के सम्मिश्रण से उत्पन्न बोली का क्या नाम है -
Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1) -
- (अ) मालवी
- (ब) रांगड़ी
- (स) मालड़ी
- (द) मेवाड़ी
उत्तर : रांगड़ी
- प्रश्न 37 ढूंढाड़ी बोली के प्रचलित विविध रूपों में निम्न में से कौन सा सही नहीं है -
Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1) -
- (अ) तोरावाटी
- (ब) नागरचोल
- (स) चौरासी
- (द) खेराड़ी
उत्तर : खेराड़ी
व्याख्या :
पूर्वी राजस्थानी के मध्यपूर्वी भाग या प्राचीन ढूंढाड़ प्रदेश जिसका संबंध आमेर राज्य से रहा है की प्रधान बोली जयपुरी या ढूंढाड़ी है। ढूंढाड़ी की प्रमुख उपबोलियाँ – इसकी उपबोलियों में हाड़ौती, किशनगढ़ी, तोरावाटी, राजावाटी, अजमेरी, चौरासी, नागरचोल आदि प्रमुख हैं।
खेराड़ी मारवाड़ी की उपबोली है।
- प्रश्न 38 राजस्थानी भाषा के छन्दों के आधार पर रचित ‘पिंगल सिरोमणि’ ग्रन्थ के रचयिता हैं-
Asst. Agriculture Officer - 2018 (Paper-1) -
- (अ) किसना आढ़ा
- (ब) ईसर दास
- (स) करणीदान कविया
- (द) कुशल लाभ
उत्तर : कुशल लाभ
- प्रश्न 39 निम्नलिखित बोलियों में से कौन-सी ढुंढाड़ी की उप बोली नहीं है -
JSA Chemistry-2019(Rajasthan Gk) -
- (अ) अहीरवाटी
- (ब) तोरावाटी
- (स) राजावाटी
- (द) नागरचोल
उत्तर : अहीरवाटी
- प्रश्न 40 बागड़ क्षेत्र की बोली के लिये ग्रियर्सन ने क्या शब्द प्रयुक्त किया -
College Lecturer (Sarangi Instrument) Exam 2018(G.K.) -
- (अ) बागड़ी
- (ब) भीली
- (स) मालवी
- (द) मेवाड़ी
उत्तर : भीली
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