राजस्थान की नदियां
- प्रश्न 371 राजस्थान में प्राचिनकाल में कौनसी नदी प्रवाहित थी -
-
- (अ) लुणी
- (ब) सिन्धु
- (स) चम्बल
- (द) सरस्वती
उत्तर : सरस्वती
व्याख्या :
राजस्थान में प्राचिनकाल में सरस्वती नदी प्रवाहित थी। घग्घर नदी प्राचीन सरस्वती नदी की धारा है। वैदीक काल यह द्वषवती नदी कहलाती थी।
- प्रश्न 372 राजस्थान में निम्नलिखित में से कौन सी नदी चंबल नदी की सहायक नदी नहीं है -
Assistant Engineer - Civil (Local Self Govt. Deptt.) Comp. Exam - 2022 -
- (अ) काली सिंध
- (ब) बनास
- (स) परबती
- (द) लूनी
उत्तर : लूनी
व्याख्या :
पश्चिम राजस्थान की एकमात्र नदी लूनी नदी का उद्गम अजमेर जिले के नाग की पहाडियों से होता है। आरम्भ में इस नदी को सागरमति या सरस्वती कहते है। यह नदी अजमेर से नागौर, ब्यावर, जोधपुर ग्रामीण, पाली, बालोतरा, बाडमेर, सांचौर जिलों से होकर बहती हुई गुजरात के कच्छ जिले में प्रवेश करती है और कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती है।
- प्रश्न 373 जवाहर सागर बाँध राजस्थान में किस नदी पर बनाया गया है -
Rajasthan Police Constable Exam 2024 ( SHIFT - K2) -
- (अ) ताप्ती नदी
- (ब) चंबल रिवर
- (स) नर्मदा नदी
- (द) सोन नदी
उत्तर : चंबल रिवर
व्याख्या :
जवाहर सागर बाँध राजस्थान में चंबल नदी पर बनाया गया है। यह बाँध राजस्थान के प्रमुख बाँधों में से एक है और चंबल नदी पर बना तीसरा बाँध है। चम्बल नदी पर बने बांध का क्रम दक्षिण से उतर की ओर – गांधीसागर बांध, राणा प्रताप सागर बांध, जवाहर सागर बांध और कोटा बैराज है।
- प्रश्न 374 निम्नलिखित में से किस नदी को ‘वराह’ या ‘लासवारी’ के नाम से भी जाना जाता है -
Asst. Prof. (Sanskrit College Edu.) - 2024 (Rajasthan Gk) -
- (अ) रूपारेल
- (ब) कांतली
- (स) साबरमती
- (द) सोम
उत्तर : रूपारेल
व्याख्या :
रूपारेल नदी (वाराह/लसवारी) : यह नदी अलवर जिले के थानागाजी (उदयनाथ की पहाड़ी) से निकलती, डीग में समाप्त हो जाती है।
- प्रश्न 375 काली सिंध नदी पर बना हरिशचन्द्र बांध किस जिले में स्थित है -
-
- (अ) झालावाड़
- (ब) कोटा
- (स) बाराँ
- (द) सवाई माधोपुर
उत्तर : कोटा
व्याख्या :
काली सिंध नदी मध्यप्रदेश के बांगली गांव (देवास) से निकलती है। देवास, शाजापुर, राजगढ़ मे होती हुई झालावाड के रायपुर में राजस्थान में प्रवेश करती है। झालावाड, कोटा में बहती हुई कोटा के नाैनेरा में यह चम्बल में मिल जाती है। आहु, परवन, निवाज, उजाड, चौली सहायक नदियां है। इस नदी पर कोटा में हरिशचन्द्र बांध बना है।
- प्रश्न 376 शेरगढ़ किला (कोषवर्धन किला) किस नदी के किनारे स्थित है -
-
- (अ) काली सिंध नदी
- (ब) परवन नदी
- (स) आहु नदी
- (द) पार्वती नदी
उत्तर : परवन नदी
व्याख्या :
मनोहर थाना किला परवन और उसकी सहायक नदी कालीखाड़/कालीखोह (घोड़ा पछाड़) नदियों के संगम पर स्थित है। शेरगढ़ वन्य जीव अभ्यारण परवन नदी के बाएं किनारे बाराँ जिले में स्थित है। शेरगढ़ वन्य जीव अभ्यारण के पास में ही परवन नदी के बाएं किनारे शेरगढ़ किला (कोषवर्धन किला) स्थित है।
- प्रश्न 377 निम्नलिखित में से कौन-सा दुर्ग अपनी संबंधित नदी या संगम के साथ सही सुमेलित है -
- गागरोन का किला - आहू और कालीसिंध नदी के संगम
- भैंसरोड़ दुर्ग - चम्बल और बामनी नदी के संगम
- शेरगढ़ दुर्ग - परवन और कालीरवाड़ नदी के संगम
- चित्तौड़गढ़ दुर्ग - गंभीरी और बेड़च नदियों के निकट
-
- (अ) केवल 1, 2 और 3
- (ब) केवल 1, 2 और 4
- (स) केवल 2, 3 और 4
- (द) केवल 1, 3 और 4
उत्तर : केवल 1, 2 और 4
व्याख्या :
नदियों के किनारे/संगम पर बने दुर्ग- गागरोन का किला - आहू व कालीसिंध नदी के संगम पर(झालावाड़)
- भैंसरोड़ दुर्ग - चम्बल व बामनी नदियों के संगम पर(चित्तौड़गढ़)
- शेरगढ(कोशवर्द्धन) दुर्ग़ - परवन नदी के किनारे(बांरा)
- चित्तौड़गढ़ दुर्ग - गंभीरी और बेड़च नदियों के संगम के निकट
- मनोहर थाना दुर्ग - परवन और कालीरवाड़ नदियों के संगम पर
- गढ़ पैलेस, कोटा(कोटा दुर्ग) - चम्बल नदी के किनारे
- प्रश्न 378 लूनी नदी की सहायक नदियों में से कौन-सी नदी राजस्थान में सबसे पहले लूनी नदी से मिलती है -
-
- (अ) जवाई नदी
- (ब) लीलड़ी नदी
- (स) मीठड़ी नदी
- (द) सागी नदी
उत्तर : लीलड़ी नदी
व्याख्या :
पश्चिम राजस्थान की एकमात्र नदी लूनी नदी का उद्गम अजमेर जिले के नाग की पहाडियों से होता है। आरम्भ में इस नदी को सागरमति या सरस्वती कहते है। यह नदी अजमेर से नागौर, ब्यावर, जोधपुर ग्रामीण, पाली, बालोतरा, बाडमेर, सांचौर जिलों से होकर बहती हुई गुजरात के कच्छ जिले में प्रवेश करती है और कच्छ के रण में विलुप्त हो जाती है। इसका जल ग्रहण क्षेत्र लगभग 34,250 वर्ग कि.मी. में फैला है। यह केवल वर्षा-काल में प्रवाहित होती है। इस नदी की कुल लम्बाई 495 कि.मी. है। राजस्थान में इसकी कुल लम्बाई 330 कि.मी. है। राजस्थान में लूनी का प्रवाह गौड़वाड़ क्षेत्र को गौड़वाड प्रदेश कहा जाता है। लूनी की सहायक नदियों में लीलड़ी (सबसे पहले मिलने वाली), बांड़ी, सुकड़ी, मीठडी, जवाई, खारी, सागी पूर्व की ओर से ओर एकमात्र नदी जोजड़ी पश्चिम से जोधपुर से आकर मिलती है।
- प्रश्न 379 निम्नलिखित में से राजस्थान की सबसे लम्बी नदी कौन सी है -
CET 2024 (Graduate) 27 September 2024 Shift-2 -
- (अ) खारी
- (ब) चंबल
- (स) लूनी
- (द) साबरमती
उत्तर : चंबल
व्याख्या :
राजस्थान की सबसे अधिक लम्बी नदी चम्बल नदी का उद्गम मध्य-प्रदेश में महु जिले में स्थित जानापाव की पहाडि़यों से होता है। यह नदी दक्षिण से उत्तर की ओर बहती हुई राजस्थान के चितौड़गढ़ जिले में चौरासीगढ़ नामक स्थान पर प्रवेश करती है और कोटा व बूंदी जिलों में होकर बहती हुई सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, जिलों में राजस्थान व मध्य-प्रदेश के मध्य सीमा बनाती है। अन्त में उत्तर-प्रदेश के इटावा जिले में मुरादगंज नामक स्थान पर यमुना नदी में विलीन हो जाती है। इस नदी की कुल लम्बाई - 966 कि.मी. है जबकि राजस्थान में यह 135 कि.मी बहती है। यह 250 कि.मी. लम्बी राजस्थान की मध्यप्रदेश के साथ अन्तर्राज्यीय सीमा बनाती है।
- प्रश्न 380 निम्नलिखित में से राजस्थान की किस झील में मंथा नदी विलय हो जाती है -
CET 2024 (Graduate) 28 September 2024 Shift-1 -
- (अ) आनासागर झील
- (ब) सांभर झील
- (स) पिचौला झील
- (द) डीडवाना झील
उत्तर : सांभर झील
व्याख्या :
मैन्था नदी (मेंढा) जयपुर ग्रामीण के मनोहरथाना से निकलती है सांभर के उत्तर में विलन हो जाती है।
page no.(38/41)